प्राइवेट बस चालकों की गुंडागर्दी दिनभर दिन बढ़ती जा रही है। गुरुग्राम से पटौदी प्राइवेट बस में जा रही छात्राओं को परिचालक ने बड़ी बेरहमी से बीच रास्ते में उतार दिया। छात्राओं का आरोप है कि परिचालक ने कुछ छात्राओं से जबदस्ती किराया भी वसूल किया और रास्ते में जबदस्ती से नीचे भी उतार दिया।
विरोध में छात्राओं ने गुरुग्राम की बस स्टैंड चौकी में मामला भी दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एक तरफ जहां प्रदेश सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देकर लड़कियों को फ्री बस पास की सुविधा प्रधान कर रखी है।
वहीं प्राइवेट बस चालक इसकी सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। अगर ऐसे ही बेटियों को बीच रास्ते उतार कर बेइजत किया जाएगा तो कैसे उनके माता-पिता बेटियों को बाहर पढाने के लिए भेज सकते हैं। ऐसा ही मामला साइबर सिटी में देखने को मिला।
चिलाचिलाती धूप में मुंह पर दुपट्टा बांधे कॉलेज से पैदल चलकर घर जाने के लिए कुछ छात्राएं दोपहर करीब एक बजे गुरुग्राम के बस स्टैंड पर आकर पटौदी जाने के लिए एक प्राइवेट बस में सवार होती है। उनके साथ कुछ छात्र भी बस में सवार होते हैं।
लड़कियों का आरोप है कि बस स्टैंड से निकलने के बाद प्राइवेट बस परिचालक ने किराया मांगा जिस पर कुछ छात्राओं ने किराया दे दिया। लेकिन कुछ लड़कियों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सरकार ने फ्री बस पास की सुविधा दे रखी है तो किराया किस बात का।
इसी बात को लेकर परिचालक ने गुरुग्राम के पटौदी रोड़ पर हरीश बैकरी के पास सभी को जबदस्ती बस से उतार दिया। बस से उन छात्राओं को भी उतारा दिया जिन्होने बस किराया भी दे रखा था।
छात्राओं ने लिया रोडवेज यूनियन का सहारा और करा दिया मामला दर्ज.....
जहां एक तरफ ये लड़कियों को बीच रास्ते में उतारने का मामला चल रहा था वहीं दूसरी तरफ निजी बसों को परमिट देने के विरोध में प्रदर्शन कर विभिन यूनियन के नेताओं तक जब ये बात पहुंची तो उन्होने लड़कियों को अपने साथ धरने पर बैठा लिया। जहां छात्राओं ने मिडिया के सामने बिना हिचकचाट के अपना विरोध जाहिर किया।
सरकार की बस कौन्या परमट के पिसै दे राखै हैं नीच... उतरो’ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल....
बस में सवार छात्राओं के साथ हुई जबदस्ती के वीडियो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में परिचालक छात्राओं से उंची आवाज में किराया मांग रहा है इस पर कुछ छात्राएं कहती सुनाई दे रही है कि सरकार ने फ्री बस पास सुविधा दे रखी है। इसलिए हम किराया क्यों दें।
इस बात पर परिचालक ने अपनी भाषा में जवाब दिया कि या सरकार की बस कोनी परमट के पिसै दे राखे हैं नीच.. उतरो। इसके बाद वीडियो में परिचालक चालक को आवाज लगाता है और कहता है कि साइड में लगा रहे नीचे उतार इनको।
बीच रास्ते में उतारने से बिफरी छात्राओं ने पुलिस को दी शिकायत....
बीच रास्ते में उतारने के बाद छात्रांए पैदल चलकर दूसरी बस पकडने के लिए दोबारा बस स्टैंड आ गई। बस स्टैंड पर देखा कि यूनियन नेता प्रदर्शन कर रहे हैं। जैसे तैसे करके छात्राओं ने मामले के बारे में रोडवेज के यूनियन नेताओं को अवगत करवाया। यूनियन के नेताओं ने छात्राओं को विरोध प्रदर्शन में शामिल किया और प्राइवेट बस चालकों की हकीकत सामने लाई गई। इसके बाद छात्राओं ने बस स्टैंड चौकी में लिखित में शिकायत दी।
छात्राओं की प्रतिक्रिया.....
हम घर जाने के लिए बस स्टैंड से प्राइवेट बस में सवार हुई थी। कुछ दूर चलने के बाद परिचालक ने टिकट लेने के लिए जोर से बोला। जब हमने पास होने की बात कही तो हमें बीच रास्ते बस से जबदस्ती उतार दिया गया।- सोनम, छात्रा
प्राइवेट बस चालक ने हमारे साथ बड़ी बदमीजी की। हमें बीच रास्ते में जलील कर बस से उतारा गया।- कविता, छात्रा
अगर सरकार ने फ्री बस पास सुविधा दे रखी है तो वो प्राइवेट में लागू होता है। लेकि न यहां सब इसके उल्टा हो रहा है। आज पहली बार नहीं कई बार ऐसा हो चुका है कि बीच प्राइवेट बस चालक बीच रास्ते में उतार देते हैं।- प्रिया, छात्रा
किराया देने के बाद भी हमें बस से उतारा गया है। सरकार एक ओर बस में छात्राओं को फ्री सुविधा दे रखी है और प्राइवेट बस वाले कभी बसों में घुसने नहीं देते हैं। अगर बस में चढ भी जाती हैं तो बदमीजी से पेश आते हैं।- कविता कुमारी, छात्रा
कुछ छात्राओं ने प्राइवेट बस चालकों के खिलाफ शिकायत दी है कि उनको फ्री बस पास की सुविधा होने के बावजूद भी प्राइवेट बस चालकों ने उतारा है। इसके बारे में रोडवेज के महाप्रबंधक से चर्चा की जाएगी की प्राइवेट बसों में बस पास लागू होता है कि नहीं। -अनिल कुमार, एएसआई बस स्टैंड चौकी गुरुग्राम
परमिट में साफ हिदायत होती है कि जो पास या अन्य सुविधा रोडवेज बसों में लागू होगी वो प्राइवेट बस वाले भी लागू करेंगे। जबकि सरकार ने लड़कियों के लिए फ्री पास सुविधा दे रखी है। जो प्राइवेज बसों में लागू होता है। ऐसा कोई मामला हुआ है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।-जयदीप कुमार, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो गुरुग्राम