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मदरसे में मर्डर: छुट्टी के लिए नाबालिगों ने रची साजिश, मासूम का किया कत्ल; दिल्ली में भीड़ ने किया हंगामा

Sat, 24 Aug 2024 09:47 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पुलिस के मुताबिक, रोहान अपनी मां नाजिन खातून और सात साल की बहन के साथ शंकर बस्ती, सरस्वती विहार की झुग्गियों में रहता था। पुलिस ने तीन बच्चों को हत्या के आरोप में हिरासत में लिया है।
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मदरसे में एक बच्चे की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर स्थित मुस्तफाबाद-बाबू नगर इलाके के एक मदरसे के भीतर कुछ छात्रों ने पांच साल के मासूम की महज इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि उसकी मौत के बाद मदरसे की छुट्टी कर दी जाएगी और वह अपने घर चले जाएंगे। मासूम की मौत हुई तो खूब हंगामा हुआ। भीड़ ने मदरसे के बाहर खूब नारेबाजी की।

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लोगों ने मदरसे के संचालक पर लापरवाही के आरोप लगाकर छात्र की पिटाई करने के आरोप लगाए। हालांकि छात्र को पहले से चिकन-पॉक्स (माता) हुआ था। उसके शरीर पर फफोले पड़े थे। जांच के बाद छात्र की पीटकर हत्या करने वाले 11 साल और 9 साल के तीन लड़कों को हिरासत में ले लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, रोहान अपनी मां नाजिन खातून और सात साल की बहन के साथ शंकर बस्ती, सरस्वती विहार की झुग्गियों में रहता था। इसका पिता तालिब पिछले पांच साल से परिवार से अलग वजीराबाद में रहता है। मां घरों में काम कर अपने परिवार को पाल रही है।
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नाजिन का एक और बेटा अपनी दादी के पास गांव में रहता है। करीब पांच माह पूर्व नाजिन ने मुस्तफाबाद-बाबू नगर, मेन रोड के मदरसा तालीम-उल-कुरान में बेटे का दाखिला करवाया था। हर माह 4500 रुपये फीस जाती थी। रोहान मदरसे में ही रहता था। शुक्रवार शाम को नाजिन को मदरसे से खबर मिली कि बेटे की तबीयत खराब है। वहां पहुंचने पर बेटा अचेत मिला। फौरन उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नाजिन का आरोप था कि बेटे के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे।

गुस्साई भीड़ ने काटा हंगामा
नाजिन बेटे की लाश लेकर मदरसे पहुंची और हंगामा किया। देर रात तक मदरसे के बाहर भीड़ ने हंगामा किया। रात 9.52 बजे पुलिस को खबर मिली। पुलिस ने भीड़ को समझाकर वापस भेजा। बाद में शव को कब्जे में लेकर जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी भेजा। पुलिस को भी शुरुआत में लगा कि चिकन-पॉक्स या बीमारी की वजह से मासूम की मौत हुई है। पोस्टमार्टम कराने पर शनिवार को उसकी मौत का खुलासा हुआ।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह चला पता
जिला पुलिस उपायुक्त डॉक्टर जॉय टिर्की ने बताया कि शुरुआत में उनको लग रहा था कि मासूम के शरीर पर फफोले हैं, जो उसकी मौत की वजह हो सकते हैं। पोस्टमार्टम करने पर पता चला कि उसके लीवर में गंभीर चोट थी। उसके पेट में खून का रिसाव होने के अलावा उसका एक फेफड़ा भी फटा हुआ था। यह सब पिटाई की वजह से हुआ था। मदरसे पहुंचकर पड़ताल की गई तो बच्चों ने आरोपी तीनों नाबालिगों के रोहान से हुए झगड़े के बारे में बताया। इसके बाद तीनों को पकड़ा गया। दो लड़के 11 साल के हैं, जबकि एक 9 साल का है। उनके परिजन मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि उनके बेटों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया है।

एक सप्ताह पहले मां आई थी बेटे को लेने
मदरसे के पास ही गली नंबर-4 में संचालक हाजी दीन मोहम्मद रहता है। इसके मदरसे में 250 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। इनमें 150 से अधिक बच्चे यूपी के रहने वाले हैं। ज्यादातर बच्चे मदरसे में ही रहकर पढ़ाई करते हैं। रोहान भी यहीं पर रहकर पढ़ाई कर रहा था। एक परिजन ने बताया कि पिछले सप्ताह बेटे ने फोन पर तबीयत खराब होने की बात की थी। नाजिन बेटे को लेने मदरसे आई थी, लेकिन उसे नहीं भेजा गया। वह वापस लौट गई। इस बीच शुक्रवार शाम को नाजिन ने मदरसे में कॉल कर बेटे से बात कराने के लिए कहा तो कहा गया कि वह बाहर खेलने गया था। बाद में कॉल किया तो आराम करने की बात की। इस बीच 6.30 बजे बेटे की तबीयत ज्यादा खराब होने का पता चला।

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परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
रोहान की मां नाजिन खातून का रो-रोकर बुरा हाल है। उसका कहना है कि मदरसे की लापरवाही की वजह से उसके बच्चे की जान गई। क्या मदरसा संचालक की कोई जिम्मेदारी नहीं थी। सबकी मौजूदगी में झगड़ा कर मासूम रोहान को मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के बाद से एरिया के लोगों में भी खासा रोष है। उन्होंने मदरसे के संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस हत्याकांड में बाकी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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