भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा के अवैध मस्जिद निर्माण के दावों को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट में खारिज कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को 6 सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट जारी करते हुए बताया गया कि भाजपा सांसद ने जिन मस्जिदों के अवैध होने की बात कही थी, वह सब वैध है। कमेटी अध्यक्ष ओवैस सुल्तान खान के मुताबिक, गुजारिश के बावजूद भाजपा सांसद व दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन से मुलाकात संभव नहीं हो सकी।
रिपोर्ट जारी करते हुए ओवैस सुल्तान खान ने बताया कि भाजपा सांसद ने 54 जगहों की 58 मसजिदों पर सवाल उठाए थे। कमेटी ने सभी जगहों को मुआयना किया। इस दौरान स्थानीय निवासियों से भी इस मसले पर चर्चा की गई। जांच से पता चला कि ज्यादातर मस्जिदें या तो सरकारी जमीनों पर बनी हैं या फिर बहुत पुरानी व निजी जमीन खरीदकर बनाई गई हैं।
कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भाजपा सांसद की सूची में से 8 पते गलत निकले। इन स्थलों पर मस्जिद या मदरसा नहीं मिला। वहीं, 6 मस्जिदें व मदरसा निजी जमीन पर हैं। 23 मस्जिद ऐसी जगह पर बनी हैं, जहां के लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। दो मस्जिद, दो कब्रिस्तान व एक मदरसा दिल्ली वक्फ बोर्ड की जमीन पर बनी हुई है।
कमेटी ने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग से मामले में झूठी खबर फैलाने के मामले में कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है। साथ ही इस रिपोर्ट को लोकसभा की आचरण समिति को भेजने को कहा है।
अल्पसंख्यक आयोग को जांच का अधिकार नहीं: प्रवेश वर्मा
भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट पर ही सवाल उठाया है। प्रवेश वर्मा का कहना है कि अल्पसंख्यक आयोग को अवैध मस्जिद व कब्रिस्तान से जुड़े मामले की तहकीकात का अधिकार नहीं है। इसके ज्यादातर सदस्य आम आदमी पार्टी से हैं। प्रवेश वर्मा का कहना है कि अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट का किसी भी सरकारी विभाग से कोई अनुमोदन नहीं है और न ही ये विश्वसनीय है।
गौरतलब है कि बीते जून माह में भाजपा सांसद ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को शिकायत दी थी। प्रवेश वर्मा का आरोप था कि दिल्ली में 54 जगहों पर अवैध मस्जिद व कब्रिस्तान बने हैं। उन्होंने इन पर कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही सलाह दी थी कि यहां स्कूल या सार्वजनिक शौचालय बनाने दिया जाए।