किसी महिला का मां बनना उसके लिए सबसे बड़ी खुशी होती है लेकिन एक नाबालिग कुंवारी के लिए यह किसी दंश से कम नहीं है। करीब 16 साल की एक किशोरी सेक्टर-24 स्थित ईएसआई अस्पताल में प्रसव पीड़ा के साथ पहुंची। 26 हफ्ते का गर्भ होने के कारण डॉक्टर बच्चे को नहीं बचा सके।
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, प्रसव पीड़ा इतनी ज्यादा थी कि डिलीवरी के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। 26 हफ्ते का गर्भ होने के कारण बच्चे और मां दोनों को बचाना मुश्किल था। काफी प्रयास के बाद मां का जीवन बचा लिया गया। लेकिन बच्चे को नहीं बचाया जा सका।
अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.आर ऊषा ने बताया कि शनिवार की सुबह किशोरी अपनी मां के साथ ओपीडी में आई थी। तब उसकी हालत ठीक थी। उसकी मां को पेट में गांठ होने का अंदेशा था।
उन्हें पता ही नहीं था उनकी बेटी गर्भवती है। जब मां को पता चला कि उनकी बेटी गर्भवती है तो उसके होश उड़ गए। अस्पताल की ओर से मामले की सूचना पुलिस को दी गई है।
थाना सेक्टर 24 प्रभारी पंकज पंत का कहना है कि मामले की सूचना मिली थी। किशोरी इंदिरापुरम गाजियाबाद की रहने वाली है। ऐसे में गाजियाबाद पुलिस मामले को देखेगी।