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दिल्ली: सरकारी तंत्र की लापरवाही से गई किशोर की जान, विभागों ने पल्ला झाड़ना किया शुरू

Thu, 25 Jul 2019 05:56 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) - फोटो : Social media (File Photo)
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किराड़ी के प्रेमनगर में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के खाली मैदान में 14 वर्षीय किशोर की मौत के लिए जिम्मेदार विभागों ने हादसे से पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया है। डीडीए, बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई विभाग, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, डीएसआईआईडीसी इस घटना के लिए बराबर जिम्मेदार हैं।

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स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को कई बार पार्षद ने विभागों के समक्ष उठाया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस ग्राउंड में फिलहाल आसपास की 10 अनधिकृत कालोनियों का पानी वर्षों से इकट्ठा हो रहा है, क्योंकि पास में बने नाले बंद होने की वजह से पानी की निकासी का इंतजाम नहीं है। इस वजह से भी यह हादसा हुआ और जल्द इस समस्या का हल नहीं निकाला गया तो मानसून के दौरान और भी हादसे हो सकते हैं।

गौरतलब है कि  प्रेमनगर के त्रिपाठी कालोनी निवासी इमामुद्दीन (14)  नांगलोई स्थित सरकारी स्कूल की नौवीं कक्षा में पढ़ता था। सोमवार को वह लापता हो गया था। मंगलवार को उसका शव डीडीए के खाली मैदान में हुए जलभराव से बरामद किया गया।
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'दोषी अधिकारियों पर होगी  कार्रवाई'

एमसीडी उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर अवतार सिंह ने कहा कि इस घटना की जांच की जा रही है। यदि एमसीडी अधिकारियों की गलती पाई गई तो उन पर कार्रवाई होगी।

पार्षद ने आयुक्त से की मुलाकात 

स्थानीय पार्षद पूनम पाराशर ने कहा कि कई बार ग्राउंड में इकट्ठा पानी को पंप की मदद से साफ किया गया। इस क्षेत्र में पानी की निकासी का जरिया नहीं है। नालों से पानी की निकासी का माकूल जरिया न होने की वजह से हादसा होने का खतरा अभी भी मंडरा रहा है। इस घटना के बाद पार्षद ने निगमायुक्त से भी मुलाकात कर, इस समस्या के जल्द समाधान की मांग की है।

नालों सेे गाद की नहीं हुई सफाई

मानसून से पहले पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, बाढ़ नियंत्रण विभाग ने सभी नालों से गाद निकालने का काम पूरा होने का दावा किया। यदि गाद निकाला गया होता तो पानी निकासी में दिक्कतें नहीं आती। नालों से कॉलोनियों के पानी की उचित निकासी होती तो छात्र की जान बचाई जा सकती थी। विभागीय लापरवाही का खामियाजा किशोर को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।

विभागों की दलील 

बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अनधिकृत कॉलोनियों का पानी इस ग्राउंड में जाता है। इससे पहले भी एक बड़ा नाला बना हुआ है। बारिश के दौरान कई बार अलग-अलग रास्ते से ग्राउंड में पानी इकट्ठा होने पर समस्या पैदा हो रही है। अनधिकृत कॉलाोनियों के लिए सीवर की व्यवस्था के लिए जल्द टेंडर किया जाएगा।

एमसीडी के महापौर अवतार सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। कोई भी दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त गोपीकिशन ने कहा कि इस घटना के बाद एमसीडी अधिकारियों की रेलवे, बाढ़ नियंत्रण सहित अन्य विभागों के साथ बैठक हुई है। जल्द ही इस समस्या का हल निकाला जाएगा, ताकि हादसों की आशंका नहीं रहे।

5.5 एकड़ जमीन का दूसरी परियोजना के लिए स्थानांतरण किया जाना है। अभी तक डीडीए ने इस संबंध में कोई निर्णय लिया है। नतीजतन, ग्राउंड में बेतरतीबी से कूड़ा, मलबा, पानी इकट्ठा होकर जलाशय का रूप ले चुका है। इसकी देखरेख करने से भी डीडीए ने पल्ला झाड़ लिया है।

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