द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि तीन अगस्त को शशि नामक महिला ने अपने घर में चोरी की शिकायत नजफगढ़ थाना पुलिस को दी थी। पीड़िता ने बताया कि किसी ने दो अगस्त को सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे के बीच घर में रखे लाखों रुपये के जेवरात चोरी कर लिए। नजफगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
लोकल पुलिस के अलावा जिले की दूसरी टीमों को भी जांच में लगाया गया। पुलिस ने सबसे पहले घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। घटना के समय पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस ने घर वालों से पूछताछ की तो पता चला कि वारदात के बाद से महिला का नाबालिग बेटा गायब है।
पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। इस बीच पुलिस ने रिश्तेदारों, पड़ोसियों व नाबालिग के स्कूल के छात्रों से पूछताछ की तो पता चला कि नाबालिग ने एक-दो दिन पहले महंगा आईफोन खरीदा है। पुलिस का शक अब यकीन में बदल गया। नाबालिग की तलाश के लिए धर्मपुरा, ककराला, नजफगढ़ के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की गई।
सूचना के बाद पुलिस ने नाबालिग को उसके घर से दबोच लिया। उसके पास से खरीदा गया आईफोन बरामद हो गया। पूछताछ के दौरान नाबालिग ने चोरी की वारदात में अपना हाथ होने की बात स्वीकार कर ली। बाद में उसकी निशानदेही पर कमल वर्मा को दबोच लिया गया। उसके पास से कुछ जेवरात बरामद हो गए।
नाबालिग ने बताया कि उसने 45 ग्राम सोने की दो चेन एक दोस्त के जरिए दो लाख रुपये में किसी दूसरे ज्वेलर को बेची थी। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है। नाबालिग के पिता की मृत्यु हो चुकी है। मां ने आईफोन खरीदने के लिए नाबालिग को पैसे देने से मना किया था। इसलिए उसने अपने ही घर में चोरी कर ली।