लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस कदम का उद्देश्य दिल्ली-हरियाणा के बीच यात्रा को सुगम बनाना, सड़क की स्थिति में सुधार लाना और यातायात को और बेहतर बनाना है। यह निर्णय मोदी सरकार के डबल इंजन विकास मॉडल का हिस्सा है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए काम कर रही हैं।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को पीरागढ़ी चौक से टिकरी बॉर्डर तक करीब 13 किमी लंबे दिल्ली-रोहतक रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस निर्णय को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सैद्धांतिक रूप से सहमति दी है। इससे मार्ग को विश्वस्तरीय हाईवे में बदलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
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प्रवेश वर्मा ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य दिल्ली-हरियाणा के बीच यात्रा को सुगम बनाना, सड़क की स्थिति में सुधार लाना और यातायात को और बेहतर बनाना है। यह निर्णय मोदी सरकार के डबल इंजन विकास मॉडल का हिस्सा है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व और गडकरी की सहमति से हम दिल्ली-रोहतक रोड को एनएचएआई को सौंपने के लिए आगे बढ़े हैं। यह कदम यातायात की सुगमता, संपर्क की मजबूती और बेहतर सड़क अवसंरचना के लिए है। हम दिल्ली से विभिन्न राज्यों को जोड़ने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को एनएचएआई को सौंपने की प्रक्रिया में हैं, ताकि भारत के राजमार्ग नेटवर्क को मजबूत किया जा सके।
इस फैसले से दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रा में तेजी आएगी और सड़कों का रखरखाव भी बेहतर होगा। यह कदम मोदी सरकार की विशाल सड़क विकास योजनाओं का हिस्सा है, जो भारत के राजमार्ग नेटवर्क को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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सभी सड़कें 30 अप्रैल तक होंगी गड्ढों से मुक्त
पीडब्ल्यूडी ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए समयसीमा निर्धारित की है। इसके तहत 30 अप्रैल तक सड़कों पर मौजूद 7000 गड्ढों को भरा जाएगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था। इस दौरान प्रस्तुतिकरण में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को गड्ढों को भरने और सड़कों की मरम्मत के लिए निर्धारित समयसीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। पीडब्ल्यूडी ने बताया कि फिलहाल गड्ढों को मेंटेनेंस वैन के माध्यम से भरा जा रहा है। इसके अलावा 20 लाख वर्गमीटर के इलाके की पहचान की गई है, जिसे रिपेयर करने की आवश्यकता है। इन मरम्मत कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया 15 मार्च तक पूरी होने की उम्मीद है।