फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mining: लाल सोने से काली कमाई रियल एस्टेट और एविएशन कंपनियों में खपाई, अधिकारियों को घूस में दी गईं संपत्तियां

Mon, 16 Mar 2026 06:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा योगेश तिवारी, नोएडा

सार

पिछले दिनों से चल रही आयकर विभाग की कार्रवाई नोएडा-ग्रेनो में बिल्डरों और दिल्ली में गुप्ता बंधुओं के ठिकानों व एविएशन इंडस्ट्री तक पहुंच गई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बुंदेलखंड के बांदा-महोबा में लाल सोने (मोरंग बालू) के खनन की कमाई नोएडा-ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट से एविएशन इंडस्ट्री तक में खपाई गई।  पिछले दिनों से चल रही आयकर विभाग की कार्रवाई नोएडा-ग्रेनो में बिल्डरों और दिल्ली में गुप्ता बंधुओं के ठिकानों व एविएशन इंडस्ट्री तक पहुंच गई है।

विज्ञापन


आयकर की टीमों ने गुप्ता बंधुओं के ठिकानों को खंगाला है जहां से एक बड़े एविएशन कारोबार में शामिल बड़ा नाम भी निकल कर सामने आया है। अपने कारोबार से दक्षिण अफ्रीका तक में चर्चित रहे गुप्ता बंधुओं से जुड़ी कंपनी जो निकल कर सामने आई है उसमें बांदा का खनन कारोबारी भी साझेदार है। इस तरह बांदा से शुरू हुई यह जांच ग्रेटर नोएडा, नोएडा और फिर दिल्ली होते हुए विदेशों तक पहुंच चुकी है। अंतरराष्ट्रीय हवाला रैकेट भी सामने आने के इनपुट है। 

आयकर विभाग की सभी टीमें सामने आए तथ्यों को खंगाल रही है। खनन कारोबारी दिलीप सिंह की जांच शुरू होने पर रियल एस्टेट कारोबारी आनंद शुक्ला का नाम विभाग को मिला। आनंद शुक्ला रियल एस्टेट की कंपनी गोल्डेन आई के निदेशक हैं। ग्रेनो वेस्ट में इस कंपनी की वाणिज्यिक परियोजना है। सेक्टर-107 स्थित लोटस-300 सोसाइटी के फ्लैट में वह रहते हैं। इसी तरह ग्रेनो वेस्ट स्थित दो अन्य वाणिज्यिक परियोजनाओं में भी यह जांच पहुंची। 
विज्ञापन


कुछ प्रॉपर्टी एजेंट और छोटे बिल्डर भी इस जांच के दायरे में आए हैं। इन बिल्डर कंपनियों से जुड़े कुछ निदेशकों व खनन कारोबारियों की संयुक्त कंपनियां सामने आई हैं। इन कंपनियों में निवेश और तेजी से आय वृद्धि भी हुई है। वहीं कुछ कामगार भी निदेशक बनाए गए हैं।

कानपुर यूनिट कर रही जांच की अगुवाई
यह छापेमारी और जांच आयकर विभाग की कानपुर यूनिट की अगुवाई में की जा रही है। पूरी छापेमारी में 20 करोड़ रुपये कैश व जूलरी की बरामदगी की सूचना है। इसमें नोएडा-ग्रेनो से भी हुई बरामदगी शामिल है। आगे इस धनराशि से जुड़े प्रपत्र विभाग मांगेगा। सैकड़ों करोड़ की कर चोरी जो निकल कर सामने आई है उसे जमा करवाने की कार्रवाई होगी। 

अधिकारियों को घूस में दी गईं संपत्तियां
खनन के मानकों की अनदेखी में जिम्मेदार अधिकारियों को नोएडा-ग्रेनो में फ्लैट व दुकान-शोरूम दिए जाने की बात आयकर की पड़ताल में निकल कर सामने आई है। ये संपत्तियां सीधे अधिकारियों ने अपने नाम से न करवाकर रिश्तेदारों या घरेलू सहायकों के नाम से करवाई है।  

कई अधिकारियों-नेताओं का अघोषित निवेश भी वाणिज्यिक संपत्तियों में सामने आया है। ये संपत्तियां भले सीधे उनके नाम पर नहीं हैं लेकिन एश्योर्ड रिटर्न या किराए की बंधी आय से उपकृत हो रहे हैं। अधिकारियों के नौकर यह धनराशि लेने जाते हैं। यह अधिकारी मौजूदा समय में भले जिले में तैनात नहीं हैं। लेकिन कभी ताकतवर कुर्सी पर रहे हैं। 

गुटखा कंपनियों के बाद खनन का क्षेत्र अवैध और नगद कमाई वाला
गुटखा कंपनियों के बाद प्रदेश में नगद का बड़ा क्षेत्र खनन का कारोबार है। यहां निर्धारित मानकों से इतर काली कमाई का पूरा लेनदेन खदानों पर नगद में होता है। बड़ी नगद और बगैर रिकॉर्ड की धनराशि बैंकों में नहीं जमा की जा सकती है।

दूसरी तरफ बिल्डर परियोजनाओं में बड़ी से बड़ी नगदी आसानी से कच्चा माल, निर्माण व अन्य भुगतान में खपाई जा सकती है। इस वजह से खनन कारोबारियों व बिल्डरों का गठजोड़ चल निकला है। बिल्डर प्रोजेक्ट से निकलने वाली धनराशि खपाने के लिए एविएशन इंडस्ट्री से जुड़े लोगों व अंतरराष्ट्रीय रैकेट का जुड़ाव है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें