प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने की दौड़ में पहली बार महिलाओं ने भी जोर आजमाइश शुरू कर दी है। मोदी की कैबिनेट में महिलाओं की संख्या को देखते हुए दिल्ली की नेताओं का भी काफी हौसला बढ़ा है।
लिहाजा उनकी नजर अब प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर है। कई महिला नेता तो अपने आलाकमान के घर का चक्कर काटने में भी पीछे नहीं है और अंदरखाने जोड़तोड़ शुरू कर चुकी है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद अब दिल्ली भाजपा नेताओं की नजर अध्यक्ष की कुर्सी पर टिकी हुई है। दरअसल इस होड़ के पीछे एक और मकसद है विधानसभा चुनाव के वक्त डॉ. हर्षवर्धन को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया जाएगा।
मीनाक्षी लेखी का नाम सबसे आगे
प्रदेश भाजपा में अगर महिला नेताओं की बात करें तो नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से जीत कर संसद पहुंची मीनाक्षी लेखी का नाम सबसे आगे है। इसी तरह पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष व प्रदेश भाजपा की एक मात्र महिला महामंत्री शिखा राय भी अध्यक्ष बनने की दौड़ में है।
इसी तरह इस दौर में दिल्ली की पूर्व मेयर आरती मेहरा और रजनी अब्बी भी प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी की दौड़ में बताई जा रही है।
प्रदेश में अन्य महिला नेताओं की बात करें तो पूर्व मेयर मीरा अग्रवाल, सरिता चौधरी और महिला मोर्चा अध्यक्ष सुधा शर्मा भी पार्टी का महिला चेहरा है।
किसी भी हाल में किरण बेदी मंजूर नहीं
अध्यक्ष की कुर्सी की दौड़ में महिला भाजपा नेता तो यहां तक कहती है कि अगर पार्टी किरण बेदी को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करती है तो इसका जमकर विरोध किया जाएगा।
इसकी वजह यह है कि दिल्ली प्रदेश भाजपा में भी महिला नेताओं की कमी नहीं है। इसीलिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल महिला नेत्रियों ने किरण बेदी के नाम प्रोजेक्ट किए जाने पर विरोध का पूरा मन बना लिया है।
दरअसल, प्रदेश में अभी तक कोई भी महिला प्रदेश अध्यक्ष अभी तक नहीं बनी है। इसलिए यह होड़ ज्यादा ही बढ़ गई है।