उड़न सिख मिल्खा सिंह ने कहा है कि खेल संघों के प्रमुख खिलाड़ी ही बनें तभी खेलों और खिलाड़ियों का भला होगा। एक खिलाड़ी ही दूसरे खिलाड़ी की समस्याओं को जान और पहचान सकता है।
पार्लियामेंट में बैठे लोग ही तय कर देते हैं कि प्रधान और सचिव कौन बनेगा, इसलिए खिलाड़ी आगे नहीं आ पाते। खेल संघों के प्रधान अपने सचिव खेल से जुड़े व्यक्ति को ही रखें तब भी कुछ भला हो सकता है।
वह रविवार को क्यूआजी मेडिकेयर की ओर से सेक्टर-12 में आयोजित रन फरीदाबाद रन मैराथन के दौरान पत्रकारों से कही। इससे पहले उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि हरियाणा के युवाओं में जो जज्बा है उसे दिखाते हुए फरीदाबाद की धरती से एक धावक देश के लिए दौड़े यही मेरी इच्छा है। मैराथन का आयोजन वर्ल्ड हार्ट डे पर किया गया। में जिले के तीन हजार से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया।
मिल्खा ने कहा कि युवाओं में खेलों के प्रति जज्ज्बा तो है, लेकिन उन्हें सही प्लेटफॉर्म पर लेकर चलने वाला कोई नहीं मिल पाता। जिसके चलते वे प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से पूर्व ही भटक जाते हैं।
ऐसी स्थिति में उनका दुख केवल एक खिलाड़ी ही समझ सकता हैं। इसलिए खेल एसोसिएशनों में यदि खिलाड़ियों को स्थान दिया जाए, तो वे खिलाडियों की खेल भावना को समझकर उन्हें आगे बढ़ाने में मद्दगार होंगे।