मेवात मॉडल स्कूल ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
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मेवात मॉडल स्कूल के कर्मचारियों ने लंबित मांगें पूरी नहीं होने पर मंगलवार को जिला सचिवालय पहुंचकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेेबाजी की। इस दौैरान उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अध्यापकों और कर्मचारियों ने कहा कि जिले के मेवात मॉडल स्कूलों की दुर्दशा आज किसी से छिपी नहीं है। जिन अध्यापकों को स्कूल में पढ़ाना चाहिए उनको मजबूरी में नारेबाजी करनी पड़ रही है।
प्रदेश सरकार शिक्षकों को भले ही आधुनिक संसाधन मुहैया कराने के दावे करती हो, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। कर्मचारियों ने बताया कि लंबे समय से मेवात मॉडल स्कूलों को राज्य शिक्षा विभाग में समायोजित करने की मांग की जा रही है।
20 जुलाई 2019 को सर्व कर्मचारी संघ की बैठक में इस पर सहमति भी बनी थी, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। मेवात विकास बोर्ड की बैठक में भी 4 अप्रैल 2016 को राज्य शिक्षा विभाग द्वारा संचालन करने पर सहमति बनी थी।
उन्होंने कहा कि जब तक मेवात मॉडल स्कूलों को शिक्षा विभाग में शामिल नहीं किया जाता तब तक मेवात विकास बोर्ड की 14 दिसंबर 2016 में हुई 28वीं बैठक में लिए गए फैसलों को लागू किया जाए। कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। मेवात मॉडल स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों और अन्य स्टाफ को पांच माह से वेतन नहीं दिया गया है। हर बार संघर्ष करने के बाद ही उन्हें हर बार वेतन दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो वे बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
इस मौके पर मुख्य रूप से मेवात मॉडल स्कूल एम्लॉय वेलफेयर एसोसिएशन के जिला प्रधान सतीश खटाना, सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश कुमार नोहरा, गुरुग्राम के जिला प्रधान उमेश खटाना, सचिव रामनिवास ठाकरान, गुरुग्राम हुड्डा के प्रधान तकदीर सहरावत, पुन्हाना ब्लॉक प्रधान असलम खान, सचिव समून खान, सर्व कर्मचारी संघ के उप प्रधान व सर्व हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के महासचिव जगरोशन और सर्व कर्मचारी संघ के राज्य ऑडिटर संदीप सांगवान सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।