एलिवेटेड रूट यमुना एक्सप्रेस के पैरलल बनेगा
डीपीआर के मुताबिक अगर अगले साल निर्माण शुरू हो जाता है तो 2025 में यह रूट बनकर तैयार हो जाएगा। रिपोर्ट में पहले दिन से ही 82,242 यात्री प्रतिदिन का आकलन लगाया गया है। इसे बनाने में करीब 5708 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह रूट एलिवेटेड होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के पैरलल बनेगा। इस पर दो तरह की मेट्रो को दौड़ाने का प्लान है। पहला, सामान्य मेट्रो, जो हर स्टेशन पर रुकते हुए जाएगी और दूसरी एक्सप्रेस लाइन, जो कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर ही रुकेगी, ताकि एयरपोर्ट यात्रियों का समय बच सके। इसे बनाने में खर्च का बोझ नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण मिलकर उठा सकते हैं। साथ ही, भारत सरकार से भी वित्तीय सहायता ली जाएगी। हालांकि, फंडिंग पैटर्न पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।
एयरपोर्ट तक दो साल कैसे पहुंचेंगे यात्री
नियाल की रिपोर्ट के मुताबिक अगर शीघ्र काम शुरू हो जाता है तो नोएडा एयरपोर्ट से 2023 में पहली उड़ान शुरू हो जाएगी, जबकि परी चौक से नोएडा एयरपोर्ट मेट्रो कॉरिडोर 2025 में बनकर तैयार होगा। दोनों के बीच में दो साल का अंतर है। इस दौरान लोग कैसे एयरपोर्ट तक पहुंचेंगे, यह एक बड़ा सवाल है। नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो चल रही है। एयरपोर्ट मेट्रो नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच मौजूदा रूट को भी जोड़ेगी।
डीएमआरसी ने मेट्रो की डीपीआर बनाकर सौंप दी है। इसे आगामी बोर्ड बैठक के समक्ष रखा जाएगा। उसके बाद उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन को सौंप दिया जाएगा। वहां से प्रदेश कैबिनेट से मंजूरी के लिए जाएगी। वहां से अप्रूवल के बाद ही निर्माण शुरू होगा। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण