उन्होंने कहा कि समझौते की काफी शर्तों को लागू कर दिया गया है और अन्य शर्तों को लागू करने की प्रक्रिया भी जारी है। बावजूद इसके कर्मचारियों ने 30 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी।
उन्होंने कहा कि मेट्रो में प्रति दिन करीब 25 लाख लोग यात्रा करते है और यह मध्य वर्ग से संबंध रखते हैं। मेट्रो रेल पब्लिक परिवहन व्यवस्था की जीवन रेखा है और हड़ताल हुई तो इससे यात्री प्रभावित होंगे।
इसके अलावा, शर्तों के अनुसार कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकते। वे हड़ताल करते भी है तो नियमों के अनुसार उन्हें एक तय अवधि से पूर्व नोटिस देना अनिवार्य है, जबकि इस मामले में कर्मचारी यूनियन ने ऐसा नहीं किया।
मेट्रो प्रशासन ने कहा कि हम कर्मचारियों की बात मानने को तैयार हैं और समझौते को पूरी तरह लागू करने में समय लगता है। उन्होंने कहा कि जनहित में कर्मचारियों की हड़ताल पर तुरंत रोक लगाई जाए।