दिल्ली मेट्रो फेज-4 के निर्माण योजना एक बार फिर अटक गई है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने दिल्ली सरकार की ओर से मेट्रो फेज-4 को लेकर भेजी गई फाइल वापस कर दी है।
इस योजना को मंजूरी मिलने में लगातार हो रही देरी के चलते इसके लागत और 2021 की तय डेडलाइन बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है। अब इसे जल्द से जल्द मंजूरी दिलाने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की है।
दरअसल, दिल्ली सरकार ने मेट्रो फेज-4 के निर्माण योजना को सिर्फ सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसी मंजूरी के साथ इस फाइल को केंद्र सरकार को भेज दी, जबकि इसके लिए प्रशासनिक और कैबिनेट मंजूरी जरूरी था।
इसी को कारण बताते हुए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने इसे वापस लौटाया है। अब दिल्ली सरकार को इसे जल्द से जल्द कैबिनेट मंजूरी देकर दोबारा से भेजना होगा। कुल 55 हजार करोड़ की लागत में अपनी 50 हिस्सेदारी को भी मानना होगा।
डीएमआरसी सूत्रों की माने तो मेट्रो फेज-4 का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट 18 महीने पहले ही दिल्ली सरकार को भेज दिया गया था। सरकार की ओर से कई आपत्तियों के चलते इसमें लगातार देरी हुई।
अंतत: यह मामला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दरबार में सुलझा और मेट्रो की योजना को ही आखिरी मंजूरी मिली। मेट्रो ने इस मंजूरी को लेने के लिए देरी के कारण लागत बढ़ने का ही हवाला दिया था।
अब फिर फाइल वापस आने से इसके देरी होने की संभावना बढ़ गई है। डीएमआरसी सूत्रों की माने तो अगर इसे अप्रैल 2016 तक मंजूरी मिल जाती तो हम फेज तीन का निर्माण खत्म होते ही इसपर काम शुरू कर देते।
मगर अब ऐसा लगता दिख नहीं रहा है। नतीजन फेज तीन के बाद जब काम पर लगे ठेकेदार चले जाएंगे। दोबारा वापस आने पर उनकी लागत बढ़ जाएगी। यही नहीं देरी से काम शुरू होने पर फिलहाल फेज-4 के पूरा होने का समय 2021 को भी आगे बढ़ाना पड़ सकता है।