मेट्रो फेज-4 के एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर पर सिल्वर लाइन का सबसे लंबा प्लेटफॉर्म तैयार होगा। एयरोसिटी स्टेशन पर 289 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन, सिल्वर लाइन, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर और अलवर समेत दिल्ली-एनसीआर के शहरों से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआई एयरपोर्ट) के लिए सीधी कनेक्टिविटी होगी।
खास बात यह होगी कि यात्रियों की सहूलियत के लिहाज से एयरोसिटी स्टेशन पर तीन (ट्रिपल) इंटरचेंज की सुविधा होगी। फेज-4 के शेष भूमिगत मेट्रो स्टेशनों की लंबाई सामान्य तौर पर 225 मीटर है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्युनिकेशन) अनुज दयाल के मुताबिक एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन, सिल्वर लाइन और आरआरटीएस कॉरिडोर के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए 23 मीटर गहराई तक स्टेशन निर्माण किया जाएगा। यह एक टर्मिनल स्टेशन होगा।
इससे पश्चिमी दिल्ली सहित एनसीआर के शहरों से आईजीआई एयरपोर्ट के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। एयरोसिटी स्टेशन के निर्माण से हाई स्पीड एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर आरआरटीएस कॉरिडोर के साथ भी इंटरचेंज की सुविधा होगी। इससे यात्रियों को एक से दूसरे परिवहन विकल्प को चुनना आसान होगा। इससे आवाजाही सुलभ और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
सिल्वर लाइन यात्रियों के लिए होगी जीवन रेखा
बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने से महरौली, बदरपुर रोड, छतरपुर एक्सटेंशन, महिपालपुर सहित इस लाइन के इर्द-गिर्द रहने वालों की परिवहन की जरूरतें पूरी होंगी। इस कॉरिडोर के तैयार होने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी कम वक्त लगेगा और यात्रियों के लिए जीवन रेखा के तौर पर काम करेगा। यात्रा के समय की बचत के साथ साथ इस कॉरिडोर पर मेट्रो सेवाएं शुरू होने से यात्रियों को बेहतर और विश्वसनीय परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
पैदल यात्रियों के लिए बनेगा सबवे
एयरोसिटी मेट्रो स्टेशन का निर्माण शुरू हो चुका है। यात्रियों की सहूलियत के लिए इस स्टेशन पर तीन प्रवेश और निकास बिंदु होंगे। यहां मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) की सुविधा होगी ताकि यात्रियों को परिवहन विकल्पों को बदलने में सहूलियत हो। इनमें से एक प्रवेश/निकास संरचना एयरोसिटी के बिजनेस हब से जुड़ेगा। शेष दो एयरोसिटी स्टेशन को एनएच-8 और आसपास के क्षेत्रों के लिए महिपालपुर से पैदल यात्री सबवे से जुड़ेंगी। इससे यात्रियों के लिए हवाई अड्डा पहुंचने बेहद आसान हो जाएगा।