ग्रेटर नोएडा के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेट्रो को ले जाने की कवायद कुछ और संकेत भी दे रही है।
ऐसा माना जा रहा है कि सत्ता में दमदार रसूख रखने वालों के इशारे पर उस मेट्रो को परी चौक से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसकी अभी परी चौक पर आहट भी नहीं हुई है।
यह भी पढ़ें:यमुना-हिंडन के संगम पर बनेगा री-क्रिएशनल सेंटर
इस पूरी कवायद में दमदार नेताओं और बिल्डरों की साठगांठ दिखती है। ऐसी चर्चा है कि लोकसभा चुनाव निकट हैं और फंडिंग के लिए पार्टियों को पैसा चाहिए, इसलिए बिल्डरों को लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा में मेट्रो आने की बात लंबे समय से हो रही है। किसी न किसी बात को लेकर मेट्रो का कार्य लटकता आ रहा है। पिछले साल पर कम से कम दो बार ऐसा लगा कि काम शुरू हो जाएगा। लेकिन मेट्रो का पहला पिलर भी अभी तक नहीं बन सका है।
यह भी पढ़ें:ये फैसले बदल देंगे यमुना प्रॉपर्टी बाजार का गणित
अब कहा जा रहा है कि इस साल के मध्य में काम शुरू हो जाएगा। कुल मिलाकर अभी मेट्रो का काम शुरू होना है। ऐसे में परी चौक से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेट्रो ले जाने के लिए प्रयास शुरू होना आश्चर्यजनक माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि सत्ता में मजबूत माने जाने वालों के इशारे पर मेट्रो को परी चौक से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र का रास्ता दिखाया जा रहा है। इससे कुछ बिल्डरों को लाभ पहुंचेगा। मेट्रो जब भी पहुंचे, लेकिन उसके आने की संभावना ही वहां पर कीमतें बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं। हालांकि प्राधिकरण सत्ता के दबाव से इंकार कर रहा है।