कोरोना वायरस के मद्देनजर दिल्ली एनसीआर में 31 मार्च तक मेट्रो सेवाएं बंद रहेंगी। पीएमो के आदेश के बाद दिल्ली मेट्रों को 31 मार्च तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है। वहीं नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) ने भी नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो और नोएडा सिटी बस सेवा 31 मार्च तक के लिए बंद कर दी है।
कार्यकारी निदेशक, औद्योगिक संचार, दिल्ली मेट्रो, अनुज दयाल ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य सामाजिक संतुलन को सुनिश्चित करते हुए और कुछ समय के लिए लोगों को घर पर रहने के लिए प्रोत्साहित कर कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करना है। दिल्ली मेट्रो प्रणाली को इस अवधि के दौरान आवश्यक आंतरिक परिचालन और रख रखाव गतिविधियों के लिए संचालित किया जाएगा। हालांकि मेट्रो की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ की ही रहेगी।
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) ने भी कोरोना वायरस के चलते नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो और नोएडा सिटी बस सेवा 31 मार्च तक बंद कर दिया है। इससे पहले बंद का फैसला केवल 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के लिए किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को पूरे देश में जनता कर्फ्यू के आह्वान किया था। कोरोना वायरस से बचाव के लिए यह एहतियात बरती जा रही है।
दरअसल, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने पहले ही जनता कर्फ्यू के दौरान मेट्रो सेवा को पूरी तरह से बंद रखने का फैसला किया था। इसी तर्ज पर एक्वा लाइन पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो सेवा को भी 22 मार्च को पूरी तरह से बंद रखने का फैसला किया था। एनएमआरसी की ओर से अपनी सिटी बस सेवा को भी बंद रखा जाएगा। एक्वा लाइन मेट्रो दो शहरों नोएडा और ग्रेटर नोएडा को 21 स्टेशनों के माध्यम से जोड़ती है। इन मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों को सुविधा दिलाने के लिए सिटी बस को बतौर फीडर बस चलाई जाती है।
एनएमआरसी प्रवक्ता का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए प्रबंधन पहले से ही प्रयासरत है। इसमें लोगों को दूरी बनाने को कहा गया है। साथ ही, मेट्रो के कोच की धुलाई डिपो में कराई जा रही है। यही नहीं मेट्रो स्टेशनों को सैनिटाइज करने का काम किया जा रहा है। यहां के एस्केलेटर, रेलिंग, मेट्रो कोच का हैंडल, फर्श, ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सहित अन्य स्थानों को सैनिटाइज किया जा रहा है। इसके अलावा मेट्रो के सभी स्टाफ को कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा मेट्रो परिसर में कोरोना वायरस से बचाव को संदेश भी प्रसारित किया जा रहा है। जगह-जगह नोटिस के माध्यम से भी जागरूक किया जा रहा है।