दिल्ली मेट्रो रेल का किराया पिछले पांच साल में नहीं बढ़ा। खर्च लगातार बढ़ रहा है। बिजली की कीमतें पांच गुना हो गईं जिससे मेट्रो परिचालन की लागत में ऊर्जा खपत की हिस्सेदार 30 फीसदी से बढ़कर 40 फीसदी तक पहुंच गई है।
कॉरिडोर की लंबाई फेज-तीन भी जुड़ने लगी लेकिन अभी तक केन्द्र सरकार किराया समिति नहीं बना सकी है। ऐसे में डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक समेत तमाम बड़े अधिकारी कह रहे हैं कि निरंतर वृद्धि नहीं होने के कारण जब किराया बढ़ेगा तो अधिक बढ़ाना होगा।
डीएमआरसी प्रबंध निदेशक मंगू सिंह कहते हैं कि किराया कमेटी बनाने का अनुरोध शहरी विकास मंत्रालय से किया जा चुका है। किराया लगातार बढ़ना चाहिए, नहीं तो एकसाथ ज्यादा बढ़ाने की जरूरत होगी।