पावर कारपोरेशन के विद्युत मीटरों का खेल उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा है। मीटर की गड़बड़ी से उपभोक्ताओं को निर्धारित से डेढ़-दो गुना तक बिल लिया जा रहा है। इनको ठीक कराने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बिल ठीक करने के नाम पर उपभोक्ताओं से कारपोरेशन लिपिक मनमानी वसूली करते हैं। लिपिकों के बिलों में घपले की धनराशि को भी उपभोक्ताओं से ही पूरा किया जाता है।
पावर कारपोरेशन की कई योजनाएं आने पर अच्छी महसूस होती हैं, जबकि कर्मचारियों की मनमानी से ये उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बन जाती हैं। चाइनीज और सेमी इलेक्ट्रानिक विद्युुत मीटरों से उपभोक्ताओं के बिल गलत आ रहे हैं।
इस बार 77 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के विद्युत बिल दोगुना आए हैं। पटेलनगर में पांच हजार और विजय नगर में 14 हजार उपभोक्ताओं के बिजली बिल ज्यादा आए हैं। इन बिलों को ठीक करने के लिए उपभोक्ताओं से दो-दो हजार रुपये ऑफिस लिपिक ले रहे हैं।
पावर कारपोरेशन के टेस्ट विभाग द्वारा मीटर नहीं बदले जा रहे हैं। पटेलनगर, विजयनगर और लोहियानगर में मीटर न बदले जाने की रिपोर्ट चीफ इंजीनियर ने तलब की है।