फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहद में मिले एंटीबायोटिक दवाओं-कीटनाशक के अंश

Sun, 14 Dec 2014 11:39 PM IST
डीपी आर्य/ अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में मिलावट का बड़ा धंधा सामने आया है। दिल्ली के एक एनजीओ की जांच में शहर में बिक रहे शहद में खतरनाक स्तर तक एंटीबायोटिक दवाओं की मिलावट और घातक कीटनाशकों की मौजूदगी पाई गई है।
विज्ञापन


प्रमुख कंपनियों के शहद के 13 में से 12 नमूने परीक्षण में फेल हो गए। फूड कमिश्नर ने शहद के नमूनों लेकर परीक्षण कराने को अभियान चलाने के आदेश दिए हैं।

एलोपेथिक दवाइयों के साइड इफेक्ट से बचने के लिए लोग आयुर्वेदिक दवाओं पर विश्वास करते हैं। आयुर्वेदिक दवाओं को प्रयोग करने के लिए शहद प्रमुखता से लिया जाता है।

प्राकृतिक रूप से एंटी-आक्सीडेंट होने के कारण ज्यादातर परिवारों में शहद का नियमित प्रयोग किया जाता है। वहीं, आजकल बाजार में विभिन्न बीमारियों में प्रयोग करने के लिए नीम, तुलसी, सरसों आदि के शहद भी आने लगे हैं।
विज्ञापन


दावा किया जाता है कि जिस पौधे के फूल से शहद तैयार कराया गया है, उसका असर इसमें मिलता है। खुले शहद पर लोगों का भरोसा कम है। ऐसे में प्रमुख कंपनियों के शहद का प्रयोग किया जाता है। दिल्ली के एक एनजीओ ने विभिन्न कंपनियों के शहद का परीक्षण कराया था।

शहद बिक्री करने वाली नामचीन 13 कंपनियों में से 12 के नमूने फूड सेफ्टी जांच में फेल हो गए हैं। इससे कंपनियों के साथ ही फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट में हड़कंप मच गया है।

एनजीओ के अनुसार शहद को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए इसमें एंटीबायोटिक दवाओं का साल्ट मिलाया जा रहा है। इससे शहद प्रयोग करने वाले को किसी भी बीमारी में तत्काल आराम मिलता है। इसका लांग टाइम प्रयोग करने वालों को नुकसान होता है।

एंटीबायोटिक के प्रति उक्त व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होती जाती है और आगे चलकर कई दवाइयां व्यक्ति को आराम ही नहीं पहुंचाती हैं। इसके साथ ही शहद में कीटनाशक दवाओं की मिलावट भी मिली है। इसको गंभीरता से लेते हुए फूड कमिश्नर ने शहद की बड़े स्तर पर जांच कराने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें