प्रोजेक्ट माइंड एक्टिवेशन थ्रू एजुकेशन (मेट) का दूसरा चरण शुरू
सीबीएसई ने एम्स के साथ मिलकर तैयार किया है प्रोजेक्ट
- कार्यक्रम के तहत आयोजित होंगी पीयर सपोर्ट तथा अभिभावक कार्यशालाएं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूली बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए एम्स के साथ मिलकर माइंड एक्टिवेशन थ्रू एडुकेशन (मेट) प्रोग्राम के दूसरे चरण की शुरुआत की। यह कार्यक्रम छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। इसके तहत कक्षा आधारित वेलबीइंग मॉड्यूल, पीयर सपोर्ट तथा अभिभावक कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में मेट काउंसलर्स कॉन्क्लेव आयोजित की गई जिसमें दिल्ली-एनसीआर के 60 से अधिक सीबीएसई स्कूलों के प्राचार्य और काउंसलर शामिल हुए। दूसरे चरण के तहत 11 से 15 मई 2026 तक एम्स में काउंसलरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मालूम हो कि प्रोजेक्ट मेट एम्स के मनोरोग विभाग द्वारा विकसित एक वैज्ञानिक किशोर कल्याण कार्यक्रम है, जिसे सीबीएसई के सहयोग से मिडिल स्कूल विद्यार्थियों के लिए लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना है। कार्यक्रम में सीबीएसई के सचिव हिमांशु गुप्ता, एम्स के मनोरोग विभाग के प्रो. नंद कुमार, डीन रिसर्च (एम्स) प्रो. राधिका टंडन समेत कई विशेषज्ञ मौजूद रहे। सभी ने स्कूलों में सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण बनाने पर जोर दिया। कॉन्क्लेव में स्कूलों ने स्टोरीज ऑफ स्ट्रेंथ के तहत अपने नवाचार प्रस्तुत किए। वहीं, उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्कूलों और काउंसलरों को सम्मानित भी किया गया।