सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अदब करते हैं, जो फैसला आया है उसका पालन सबको करना है, कोर्ट ने बहुत सोच-समझकर और मुल्क की बेहतरी के लिए अपना फैसला सुनाया है।
निजामुद्दीन, जामा मस्जि पर किताबों की दुकान चलाने वाले शख्स
कोर्ट के फैसले को दिलो-जान से मानते हैं, हार-जीत किसी की नही हुई है, जिनके पक्ष में फैसला आया है, वह भी तो हमारे भाईं हैं, हमेशा एक पाता है दूसरा खोता है, इसका यह मतलब नही किसी की जीत हुई तो किसी की हार।
मोहम्मद साजिद, मटिया महल, जामा मस्जिद निवासी
सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सोच समझकर फैसला दिया है, यह अमन का फैसला है, मुल्क की तरक्की तभी होगी जब हम एक-दूसरे के साथ बिना भेदभाव के मिल-जुलकर रहेंगे, सबसे अपील करता हूं कि पूरे मुल्क में अमनो-अमान कायम रखें।
मोहम्मद असलम, बाड़ा हिन्दूराव निवासी
गुजरात से आए परिवार ने कहा अल्लाह का यही हुक्म है...
गुजरात के अहमदाबाद से आए मोहम्मद जावेद ने कहा कि अल्लाह के हुक्म के बगैर दुनिया में पत्ता भी नही हिलता है। शनिवार को अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है वह अल्लाह का ही हुक्म है। जावेद ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश की सबसे बड़ी अदालत ने कभी गलत फैसला नही दिया। आज भी अदालत ने बहुत सोच-समझकर अपना फैसला सुनाया है। वह खुदा से दुआ करते हैं कि मुल्क में अमन कायम रहे। गुजरात में रेडिमेड गारमेंट का कारोबार करने वाले जावेद के परिवार के 10 सदस्य दिल्ली घूमने आए हुए थे।
अयोध्या मामले में फैसले की कॉपी मिलने के बाद उस पर कानून के माहिर लोगों से बातचीत करने के बाद ही जामा मस्जिद की ओर से कोई बयान जारी किया जाएगा।
सैयद अहमद बुखारी, शाही इमाम, जामा मस्जिद, दिल्ली