-2020 में हुए दंगों से जुड़े हत्या, दंगा, लूट और आगजनी के एक मामले में 12 आरोपी बरी
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों के दौरान हत्या, दंगा, लूट और आगजनी से जुड़े मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने 12 आरोपियों को बरी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह की अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को केवल इस आधार पर आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता कि वह गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा था। अभियोजन को प्रत्येक आरोपी की व्यक्तिगत भूमिका और उसके द्वारा किए गए विशिष्ट कृत्य का ठोस सबूत पेश करना होगा।
मामला मुर्सलीन नामक शख्स की हत्या से जुड़ा था। उसका शव 28 फरवरी 2020 को जौहरीपुर तिराहे के पास नाले से बरामद हुआ था। इस मामले में लोकेश सोलंकी, पंकज शर्मा, अंकित चौधरी, प्रिंस, जतिन शर्मा, हिमांशु ठाकुर, विवेक पांचाल, ऋषभ चौधरी, सुमित चौधरी, टिंकू अरोड़ा, संदीप और साहिल आरोपी बनाए गए थे।
अदालत ने पाया कि अभियोजन का मुख्य गवाह दिवेश राजपूत, जिसे हत्या का चश्मदीद बताया गया था, सुनवाई के दौरान अपने बयान से मुकर गया। उसने पहले कुछ आरोपियों के नाम लिए थे, लेकिन जिरह के दौरान ऐसा कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया, जिससे उन्हें हत्या या गैरकानूनी भीड़ से जोड़ा जा सके। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल भीड़ में मौजूदगी के आधार पर दोषसिद्धि नहीं हो सकती। प्रत्येक आरोपी के खिलाफ अपराध में उसकी भूमिका और संबंधित कृत्य को स्वतंत्र एवं विश्वसनीय साक्ष्य से साबित करना आवश्यक है।