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मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में नहीं हो सकी नाबालिग के खिलाफ आरोपों पर बहस

Thu, 21 Jul 2016 07:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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हादसे का फुटेज
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मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में बृहस्पतिवार को आरोपों पर बहस नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई करने वाले जज ट्रेनिंग पर हैं, जिसके चलते आरोपों पर बहस के लिए 12 अगस्त की तारीख तय की गई है।
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इसी दिन नाबालिग आरोपी की याचिका पर भी सुनवाई होगी। तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विमल कुमार यादव के समक्ष मामले की सुनवाई होनी थी।
जेजेबी-प्रथम ने नाबालिग आरोपी पर बालिग आरोपी की तरह सत्र अदालत में मुकदमा चलाने की अनुमति 4 जून को दी थी।

बोर्ड ने इसे जघन्य अपराध की श्रेणी में रखा था। मामले में आरोपी ने बोर्ड के इस फैसले को सत्र अदालत में चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि यह मामला गैर इरादतन हत्या का नहीं है। इसे लापरवाही से मौत की श्रेणी में रखना ही सही होगा। आरोपी की दलील है कि उसके द्वारा पहले तोड़े गए यातायात नियमों का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। 
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हादसे में सिद्धार्थ शर्मा की हुई थी मौत

मृतक युवक - फोटो : अमर उजाला
ऐसे हालात में उन तथ्यों को इस केस की सुनवाई के लिए आधार बनाना गलत है। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 में संशोधन होने के बाद ये पहला मामला है, जिसे जेजेबी ने सेशन कोर्ट में स्थानांतरित किया है।

गौरतलब है कि सिविल लाइन इलाके में 4 अप्रैल की रात लापरवाही से कार चलाते हुए आरोपी ने मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव सिद्धार्थ शर्मा (32) को टक्कर मार दी थी।  हादसे में सिद्धार्थ की मौत हो गई थी।

आरोपी कार को 80 किलोमीटर की रफ्तार से चला रहा था। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। वारदात के चार दिन बाद ही नाबालिग आरोपी 18 वर्ष का हो गया था।

दिल्ली पुलिस ने मामले में 26 मई को आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, लापरवाही से वाहन चलाना, अपने कृत्य के कारण अन्य लोगों के जीवन को खतरे में डालना संबंधी धाराएं आरोप पत्र में लगाई हैं। 

हादसे के समय कार में मौजूद नाबालिग के दोस्तों को पुलिस ने मामले में गवाह बनाया है। जेजेबी ने मामले में नाबालिग को 26 अप्रैल को जमानत प्रदान कर दी थी। पुलिस ने पहले यह मामला लापरवाही से जान लेने संबंधी धाराओं में दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गैर इरादतन हत्या की धारा बाद में जोड़ी गई थी।
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