नोएडा में एक तेज रफ्तार मर्सडीज शुक्रवार दोपहर सेक्टर-60 स्थित एक ढाबे में घुस गई। हादसे में छह लोग घायल हो गए। इनमें से दो को मामूली चोट आई। घायलों को सेक्टर-66 स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। सेक्टर-58 पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
जानकारी के अनुसार ए-37, सेक्टर-60 स्थित टाटा टेली सर्विसेज की सिस्टर कंसर्न कंपनी व्योम नेटवर्क लिमिटेड के सप्लाई चेन मैनेजमेंट विभाग के असिस्टेंट मैनेजर सुमित कुमार सिंह और शांतिरतन, हेड राम विष्णु पांडे और एग्जीक्यूटिव प्रोजेक्ट असिस्टेंट मैनेजर आशीष शर्मा शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे सामने स्थित ढाबे में खाना खा रहे थे।
बताया गया है कि इस बीच सेक्टर-59 की ओर जा रही तेज रफ्तार मर्सिडीज सामने से आती एक मोपेड को बचाने के दौरान अनियंत्रित होकर ढाबे में घुस गई। सुमित और शांतिरतन गाड़ी के नीचे आ गए। कार की टक्कर से राम विष्णु पांडे, आशीष शर्मा, ढाबा मालिक पिंटू और रमेश सिंह घायल हो गए। टक्कर लगते ही लकड़ी के खंभों पर टिका ढाबा गिर गया। कार फैक्ट्री संचालक तरुण गुप्ता चला रहा था।
गाड़ी पीछे करवाकर घायलों को निकाला
हादसा के बाद कंपनी और आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने तरुण से गाड़ी पीछे करवाई, जिसके बाद कार के नीचे फंसे सुमित और शांतिरतन को निकाला गया।
सूचना पर आई पुलिस ने सुमित और शांतिरतन को सेक्टर-66 स्थित जगदंबा अस्पताल में भर्ती कराया। सुमित का सिर फट गया था। उसे आईसीयू ले जाया गया। डॉक्टर ने उसेटांके लगाए।
हादसे में शांतिरतन के बाएं पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर हो गया, जबकि दो को मरहम पट्टी और दवाई देकर घर भेज दिया गया। शेष दो लोगों को मामूली चोट लगी। वे अस्पताल नहीं गए।
हादसे के वक्त करीब सौ की थी रफ्तार
सेक्टर-60 में मर्सिडीज से हुए हादसे में घायलों व प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लगभग 20 फीट चौड़ी रोड पर मर्सिडीज चालक करीब सौ की रफ्तार से गाड़ी ले जा रहा था। मोपेड को बचाने के लिए चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया, जिससे तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर ढाबे में घुस गई।
घायलों के साथियों का आरोप है कि पुलिस पूरे समय दोनों पक्षों में समझौता कराने की बात कहती रही। हादसे के बाद से वीआईपी नंबर (डीएल4सी एनसी 4000) वाली मर्सिडीज चालक तरुण गुप्ता के प्रति पुलिस का रवैया नरम रहा। एक पीसीआर ने घायलों को अस्पताल ले गई।\
इसके बाद दूसरी पीसीआर घटनास्थल पर पहुंची और कार चालक को अपने साथ ले गई। कुछ देर बाद पीसीआर के साथ कार चालक लौटा और अपनी गाड़ी लेकर सेक्टर-66 ममूरा स्थित जगदंबा अस्पताल पहुंचा। यहां घायलों का इलाज चल रहा था।
हादसे के बाद सिलेंडर हो रहा था लीक
हादसे के कारण ढाबे में रखा सिलेंडर गिर पड़ा। घायल शांतिरतन ने बताया कि जब वह गाड़ी के नीचे फंसा था तो बगल में पड़ा सिलेंडर लीक हो रहा था। अगर आग लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घायलों के साथियों ने बताया कि पूरे समय घायलों और कार चालक के बीच समझौता कराने का प्रयास चलता रहा। पुलिस का कहना था कि सभी को मामूली खरोंच आईं।
दूसरी ओर ढाबा चलाने वाले पिंटू ने बताया कि हादसे में उसका ढाबा पूरी तरह से बर्बाद हो गया और उसे और उसके साथ काम करने वाले कर्मचारी को चोट आई। उसका करीब दस से पंदह हजार रुपये का नुकसान हो गया। उसने पुलिस से शिकायत की, इसके बावजूद उसकी नहीं सुनी गई।