दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के पास शुक्रवार शाम एक मानसिक रोगी महिला के नग्न अवस्था में घूमने की घटना सामने आई। विचलित करने वाली बात यह है कि महिला को उस अवस्था में वहां मौजूद कई लोग देखते रहे। कई लोग तो वहां खड़े होकर महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींच रहे थे।
पास में ही रिपोर्टिंग कर रहे एक मीडियाकर्मी ने जब यह देखा तो तत्काल दिल्ली महिला आयोग को कॉल कर इसकी सूचना दी। महिला आयोग ने तुरंत मौके पर एक टीम को भेजा और महिला को कपड़े पहनाकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने लेकर गए।
महिला बहुत अधिक उम्र की नहीं थी। उसके पास एक स्कूल बैग था जिसमें कुछ किताबें और उसका आधार कार्ड था। आधार कार्ड पर दी गई जानकारी से पता लगा कि महिला कंझावला इलाके की रहने वाली है।
उसकी मानसिक स्तिथि ठीक नहीं थी इसलिए वो अपने बारे में भी अधिक बातें बता नहीं पा रही थी। हालांकि बात करने पर उसने बताया कि उसके दो बच्चे हैं। पीड़िता के घर पहुंचकर टीम ने पाया कि उस पते पर उसके बच्चे उसकी जेठानी के साथ रह रहे हैं।
उसके पति की मृत्यु के बाद उसकी जेठानी ने बच्चों की जिम्मेदारी ले ली थी। पति की मृत्यु के बाद से ही पीड़िता का मानसिक स्वास्थ्य खराब हो गया था और वो घर छोड़कर चली गई थी।
पीड़िता के घरवालों ने उसकी जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया, जिसके बाद टीम पीड़िता को मानसिक स्वास्थ्य के अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल ने औपचारिकताओं के तहत कोर्ट से ऑर्डर लाने को कहा। देर रात टीम पीड़िता को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने वापिस आई और मामले में डीडी एंट्री करवाकर मेडिकल करवाया।