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दिल्ली के हैप्पीनेस मॉडल पर काम करेगा मेघालय

Wed, 17 Jul 2019 08:26 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

- मेघालय शिक्षा मंत्री लाहमेन रिंबुई ने देखी हैप्पीनेस की क्लास
-रिंबुई ने दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ सर्वोदय बाल विद्यालय, राउज एवेन्यू का दौरा किया
- देश के विकास के लिए हमें मिलजुल कर काम करना है : मनीष सिसोदिया 
- दिल्ली सरकार के स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतरीन है : लाहमेन रिंबुई 
- मेघालय में हम किस प्रकार से हैप्पीनेस कैरिकुलम लागू कर सकते हैं, यह समझने के लिए मैं अपने अधिकारियों को दिल्ली भेजूंगा : लाहमेन रिंबुई 
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दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में हैप्पीनेस उत्सव (फाइल फोटो) - फोटो : Manish Sisodia Twitter
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विस्तार
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दिल्ली के सरकारी स्कूलों में लागू हैप्पीनेस करिकुलम के मॉडल को समझने और उसे अपने यहां लागू करने के लिए मेघालय के अधिकारी दिल्ली आएंगे। मेघालय के शिक्षा मंत्री लाहमेन रिंबुई ने इसे समझने के लिए बुधवार को हैप्पीनेस की क्लास देखी। अब वह अपने अनुभव अपने अधिकारियों के साथ साझा करेंगे। वहां की शिक्षा व्यवस्था को संशोधित करने के लिए उन्होंने एक टॉस्क फोर्स का गठन भी किया है।  

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हैप्पीनेस कैरिकुलम को समझने और दिल्ली शिक्षा मॉडल का अध्ययन करने के उद्देश्य से मेघालय के शिक्षा मंत्री लाहमेन रिम्बुई ने बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के साथ दिल्ली सरकार के सर्वोदय बाल विद्यालय राउज एवेन्यू का दौरा किया। स्कूल में वह एक हैप्पीनेस क्लास के सेशन में बैठे। जहां उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से भी बातचीत की।

उन्होंने कहा कि अब तक जितने राज्यों के स्कूलों को देखा है उनमें दिल्ली के सरकारी स्कूलों में सबसे अच्छे संसाधन हैं। उन्होंने हैप्पीनेस क्लास को युवाओं के लिए काफी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि वह यहां देखने आए हैं कि मेघालय में हैप्पीनेस करिकुलम को कैसे लागू किया जा सकता है।
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इसे वहां की संस्कृति और पहचान के आधार पर संशोधित किया जाएगा। वह अपने अनुभव अधिकारियों के साथ साझा करके उन्हें इस कैरिकुलम को समझने के लिए दिल्ली भेजेंगे। इस कैरिकुलम को समझने के बाद उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाना चाहिए। 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने देश के विकास के लिए मिल-जुल कर काम करना जरूरी है। दोनों राज्य शिक्षा के मॉडल के बारे में विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। मालूम हो कि स्कूलों में हैप्पीनेस कैरिकुलम का एक साल पूरा होने पर 15 दिनों का हैप्पीनेस उत्सव मनाया जा रहा है।

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