33 फीसदी आरक्षण लेकर रहेंगे, बार-बार धोखा नहीं खाएंगे। कुछ इसी तरह के नारे लगाते हुए महिलाओं ने जंतर-मंतर पर हुंकार भरी। महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल पास कराने की मांग को लेकर बुधवार को दो दर्जन महिला संगठनों ने संयुक्त जनसभा की।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 को राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने से देश की महिलाओं में आशा की किरण जगी थी लेकिन दुर्भाग्य से तीन साल बाद भी यह विधेयक अभी भी लोकसभा में पारित होने का इंतजार कर रहा है।
जनसभा को फिल्म अभिनेत्री नंदिता दास, सांसद वृंदा करात, डॉ. प्रभा ठाकुर, कांग्रेस की शोभा ओझा, सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी, पूर्व सांसद जगमती सांगवान और रेखा मोदी समेत अन्य महिला वक्ताओं ने संबोधित किया।
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इस अवसर पर अभिनेत्री नंदिता दास ने महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल पास कराने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इसमें कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। वहीं, वृंदा करात ने कहा कि विभिन्न घरेलू कानूनों और सकारात्मक योजनाओं के बावजूद महिला अधिकारों का उल्लंघन जारी है।
जनसभा में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वूमेंस एसोसिएशन, ऑल इंडिया महिला कांग्रेस, एपवा, हिम्मत महिला समूह समेत कई महिला संगठनों ने हिस्सा लिया।