गांव पाटूका में नपुंसक व बांझ बनाने के इंजेक्शन की अफवाह के चलते अब प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने मिड-डे-मील खाना खाने का विरोध कर दिया है। पिछले दो दिनों से स्कूल में मिड-डे-मील का खाना बंद है। अभिभावकों के एतराज पर एसएमसी द्वारा खाना नहीं बनाने का प्रस्ताव भी पास किया गया है। इस अफवाह को लेकर शिक्षक बेहद चिंतित हैं। इस नई अफवाह ने प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
ग्रामीणों का कहना है की नपुंसकता व बांझ के इंजेक्शन की अफवाह के चलते ग्रामीण पहले ही भ्रमित थे। जागरूक लोगों व शिक्षकों की मेहनत के चलते मुश्किल से बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हुए थे। लेकिन गत 8 मार्च को स्कूल में पहुंची एक चिकित्सकीय टीम के बाद बच्चे भाग गए थे।
इसके बाद से ही ग्रामीणों में और भय पैदा हो गया। इसके बाद गांव में किसी शरारती तत्व ने अफवाह फैला दी कि मिड-डे-मील में भी कुछ इसी प्रकार मिलावट की जा रही है। इसी कारण पिछले दो दिनों से स्कूलों में खाना नहीं बनाया जा रहा है। हारून ,नूरूदीन व जहीर अब्बास आदि ने बताया की डर व अफवाह की वजह से उन्होंने अपने बच्चों से मिड-डे-मील खना खाने से मना कर दिया है।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला पाटूका एसएमसी कमेटी के चेयरमैन वकील ने बताया की गत 8 मार्च को स्कूल पहुंची चिकित्सकों की टीम के बाद बच्चों ने मिडे-डे-मील खाना खाने से मना कर दिया है। अभिभावकों व बच्चों को समझाने का प्रयास किया। मगर वह नहीं माने। अभिभावकों में भ्रम है कि खाने में कुछ मिलाकर बच्चों को खिलाया जा सकता है। वहीं मिड डे मील इंचार्ज नरेन्द्र कुमार का कहना है इस नई अफवाह को लेकर स्कूल में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। दो दिन से मिड-डे-मील खाना नहीं बन रहा है।
वर्जन
एसडीएम मनोज कुमार यादव नूंह का कहना है कि ऐसी अफवाह किसी शरारती तत्व द्वारा फैलाई जा रही है। वह नहीं चाहते कि किसी गरीब का बच्चा मुफ्त में स्वस्थ भोजन ले। अफवाह को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रयासरत है। ऐसे लोगों को जल्द ही बेनकाब किया जायेगा।