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नहीं चेते तो बच्चों में फैलेगा HIV संक्रमण

Tue, 16 Sep 2014 09:16 AM IST
गौरव चौधरी/अमर उजाला, फरीदाबाद
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फरीदाबाद के मुजेसर गांव में डॉक्टरों की मनमानी और नादानी प्राइमरी स्कूल के बच्चों पर भारी पड़ सकती है। ये डॉक्टर मासूमों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
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गांव की मार्किट में चार से पांच डॉक्टर प्रयोग में लाए गए इंजेक्शन, ग्लूकोस की बोतल, सीरिंज और दवाईयों को खुलेआम स्कूल के गेट के पास डाल देते हैं।

बताया जाता है कि कई बार बच्चे इंजेक्शन को लेकर उसके साथ खेलते हैं। जब इस कचरे की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो डॉक्टर उसे जला देते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि इसके जलने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसकी वजह से एचआईवी संक्रमण होने का खतरा सबसे अधिक होता है।

गांव निवासी बीरेंद्र सिंह का कहना है कि यहां पर खुले में मेडिकल कचरा नहीं डालना चाहिए। इस बारे में कई बार संबंधित लोगों से बात भी की गई है लेकिन उनका रवैया नहीं बदला।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा बायो मेडिकल कचरा निस्तारण के लिए गाइडलाइन भी जारी की गई है। लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा है। काले पॉलिथीन में कचरा डालकर इसके निस्तारण के लिए काम करने वाली एजेंसियों को देना चाहिए।

सीनियर मेडिकल ऑफीसर डॉ. वीरेंद्र यादव का कहना है कि आरएमपी डॉक्टरों के लिए तो इंजेक्शन लगाने का प्रावधान ही नहीं है। कोई ऐसा करता है तो उसे सजा हो सकती है।

फिर भी लगाकर मेडिकल कचरा खुले में डाल रहे हैं तो गंभीर मामला है। इससे संपर्क में आने वाले लोगों को एचआईवी और हेपेटाइटिस बी जैसी जानलेवा बीमारियां होने की संभावना होती है। इसलिए मेडिकल वेस्ट का सही तरीके से निस्तारण किया जाना चाहिए। खुले में डालना खतरनाक है। सिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोड़ा का कहना है कि यदि कहीं पर ऐसा हो रहा है तो हम जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे।
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