मीडिया, इंटरनेट और टेलिफोन का प्रसार युवाओं में सेक्स को प्यार के चरम के तौर पेश करने का जिम्मेदार है। नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में एक युवक को 10 साल की सजा सुनाते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की।
रोहिणी जिले की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सीमा मैनी ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की, कि युवाओं में प्यार के नाम पर सेक्स करना आम होता जा रहा है, जो कि उचित नहीं है। युवाओं में बढ़ती ऐसी धारणाओं के लिए अदालत ने मीडिया, इंटरनेट और टेलिफोन के बढ़ते प्रसार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि युवाओं की मानसिकता को बदलने की जरूरत है।
14 साल की नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में 26 वर्षीय युवक नीरज को दोषी ठहराते हुए अदालत ने 10 साल की कैद और 30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि जुर्माने की राशि में से 20 हजार रुपए पीड़िता को देने का आदेश दिया है।