योगी सरकार की भांति अब मनोहर सरकार भी अवैध मीट विक्रेताओं पर सख्त रूख अपनाने की तैयारी में है। सरकार की सख्ती के बाद अब नगर निगम भी एक्शन मोड में गया है। शहर में 500 से अधिक बिना अनुमति के मीट की दुकानें चल रही हैं। निगम की तरफ से इन मीट विक्रेताओं को चेतावनी दी गई है कि वे 15 मई तक मीट बेचने का लाइसेंस ले लें। इसके बाद सीलिंग कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, शहर में 500 से अधिक बिना अनुमति के मीट की दुकानें चल रही हैं। ये मीट विक्रेता खुले में ही बकरा और मुर्गा आदि काटते हैं। जो सिर्फ स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि इससे गंदगी भी फैलती है। पिछले महीने इन मीट विक्रेताओं को चेतावनी देते हुए लाइसेंस लेने के लिए कहा गया था। इसके अलावा खुले में मीट बेचने से भी मना किया था। निगम की सख्ती के बाद 50 मीट विक्रेताओं ने लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया।
निगम के स्वास्थ्य अधिकारी श्याम सिंह के अनुसार सख्ती के बाद मीट विक्रेता लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनओसी देने से पहले मीट के दुकान की पूरी जांच की जाएगी। सभी नियमों को पूरा करने वालों को ही एनओसी दी जाएगी। यहां बता दें इससे पहले मीट विक्रेताओं को लाइसेंस लेने के लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया गया था।
केवल पांच मीट विक्रेता ही लाइसेंस ले पाए। जबकि 50 मीट विक्रेताओं ने ही लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया था। इसलिए निगम ने 15 मई अवैध दुकानों के डेडलाइन तय की है।