भाजपा पार्षदों के इस टकराव का असर एमसीडी के कामकाज पर पड़ रहा है। समिति की बैठक नहीं होने के कारण करीब सौ प्रस्ताव लंबित हैं। खास बात यह है कि आम आदमी पार्टी के शासनकाल के दौरान इस समिति का गठन नहीं होने पर भाजपा ने लगातार सवाल उठाए थे।
एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक भाजपा पार्षदों के आपसी टकराव के कारण स्थगित हो रही है। समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने 24 सितंबर को बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है, लेकिन 22 सितंबर की शाम तक समिति के सदस्यों को बैठक का एजेंडा नहीं भेजा गया। बैठक से कम से कम 72 घंटे पहले सदस्यों के पास एजेंडा पहुंचना अनिवार्य होता है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार पिछली बैठक में कुछ प्रस्तावों के संबंध में लिए गए निर्णयों में भाजपा के कई पार्षद बदलाव चाहते हैं। खास तौर पर महापौर राजा इकबाल सिंह चाहते हैं कि पिछली बैठक की कार्रवाई में परिवर्तन किया जाए। वहीं, समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा इसके लिए तैयार नहीं हैं। भाजपा पार्षदों के इस टकराव का असर एमसीडी के कामकाज पर पड़ रहा है। समिति की बैठक नहीं होने के कारण करीब सौ प्रस्ताव लंबित हैं। खास बात यह है कि आम आदमी पार्टी के शासनकाल के दौरान इस समिति का गठन नहीं होने पर भाजपा ने लगातार सवाल उठाए थे। अब भाजपा के अपने पार्षदों के भीतर टकराव के कारण समिति काम नहीं कर पा रही है। सूत्रों के अनुसार, स्थायी समिति अध्यक्ष व महापौर के बीच शुरू से ही टकराव चल रहा है।
महापौर ने पिछले दिनों कुछ प्रस्ताव को समिति अध्यक्ष को नजरअंदाज करते हुए स्वीकृति दी। इसके अलावा कई प्रस्तावों को समिति की बैठक में पेश करने की बजाय सीधे सदन में पेश किया गया। यह प्रस्ताव सीधे नीति निर्धारण और वित्त मामलों से संबंधित हैं, जिन्हें समिति में पेश करना या समिति अध्यक्ष के पास स्वीकृति के लिए भेजना जरूरी था।