सदन में लौटते ही मेयर ने कहा कि किसी भी सदस्य को स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव में बैलेट पेपर पर मुहर नहीं लगानी है, बल्कि अपनी पसंद के प्रत्याशी के लिए बैलेट पेपर पर 1, 2, 3 लिखकर वोटिंग करनी होगी। इसके अलावा यदि किसी भी सदस्य ने बैलेट पेपर पर कुछ और लिखा तो उसका वोट अमान्य हो जाएगा। मेयर ने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी के छह सदस्यों का चुनाव डेढ़ घंटे में पूरा होगा और वोटिंग के दौरान मोबाइल लेकर जाने की अनुमति होगी। इसका भाजपा के पार्षदों ने विरोध किया।
बैलेट पेपर की फोटो खींचने का लगा आरोप
भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के पार्षद वोट देने के बाद बैलेट पेपर की फोटो खींच रहे हैं और सदन में हंगामा तेज हो गया। मेयर ने सदस्यों से शांति से वोटिंग होने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो पार्षद हंगामा करेगा उसे सदन से बाहर कर दिया जाएगा। मेयर ने कहा कि सुबह मोबाइल नहीं लेकर जाने का फैसला किए जाने से न जाने कितने लोगों की मर्यादा आहत हुई, इसलिए उन्होंने मोबाइल लेकर जाने की अनुमति दी है।
निगम सचिव ने मेयर को बताए नियम
निगम सचिव भगवान सिंह ने मेयर को नियम बताए कि वोटिंग के दौरान मोबाइल लेकर जाने की अनुमति नहीं है। इसके बाद मेयर ने मोबाइल लेकर वोटिंग करने से मना कर दिया, तब तक 45 वोट डाले गए थे, लेकिन भाजपा के पार्षदों ने कहा कि पहले जिन पार्षदों ने मोबाइल के साथ जाकर वोटिंग की है, उसे अवैध किया जाए। मेयर ने कहा कि यह संभव नहीं है। पहले जिन पार्षदों को वोट देने के लिए बैलेट पेपर दिए गए हैं, वे वापस कर दें, लेकिन कई पार्षदों के नाम लेकर बैलेट पेपर वापस करने के लिए कहने पर भी पार्षद बैलेट पेपर वापस करने को राजी नहीं थे। रातभर हंगामे के बाद सदन में सुबह भी हंगामा जारी रहा तब मेयर ने कल तक के लिए सदन की कार्यवाही टाल दी।