फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: सदन से चुने गए स्थायी समिति के छह सदस्यों के नामों पर MCD की मुहर, मेयर के फैसले के खिलाफ HC गई थी BJP

Thu, 08 Jun 2023 08:32 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली

सार

एमसीडी सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में आप और भाजपा के तीन-तीन पार्षदों को निर्वाचित घोषित किया गया है।
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर आखिरकार एमसीडी ने सदन से चुने गए स्थायी समिति के छह सदस्यों के नामों पर बृहस्पतिवार को मुहर लगा दी। एमसीडी सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में आप और भाजपा के तीन-तीन पार्षदों को निर्वाचित घोषित किया गया है। बीते फरवरी माह में इन सदस्यों के चुनाव के दौरान भाजपा के एक पार्षद को मिले मतों में से एक मत पर गतिरोध होने के कारण महापौर ने दोबारा चुनाव कराने की घोषणा की थी। इसके विरोध में भाजपा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

विज्ञापन

एमसीडी सचिवालय की ओर से सदन से स्थायी समिति के छह सदस्यों के निर्वाचन के संबंध में जारी की गई अधिसूचना में भाजपा की कमलजीत सहरावत, गजेंद्र दराल और पंकज लूथरा को निर्वाचित घोषित किया गया है, जबकि आम आदमी पार्टी के आमिल मलिक, मोहिनी और रमिंदर कौर को निर्वाचित घोषित किया है। इन सदस्यों के निर्वाचन के लिए गत फरवरी माह में सदन की बैठक में मतदान हुआ था।


एक मत पर हुआ था विवाद
गत फरवरी माह में सदन की बैठक में भाजपा पार्षद पंकज लूथरा को मिले मतों में से एक मत पर विवाद हो गया था। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उस मत को सही ठहराया था, मगर महापौर ने उस मत को रद्द करने का फरमान दिया था, लेकिन निगम सचिव और चुनाव आयोग के प्रतिनिधि उनके निर्णय से सहमत नहीं हुए। इसके बाद महापौर ने चुनाव परिणाम घोषित करने के बजाए दोबारा चुनाव कराने की घोषणा की। दरअसल उस मत के रद्द होने पर आप के चार पार्षद जीत जाते और भाजपा के दो पार्षद ही जीत पाते।

विज्ञापन

उधर महापौर के निर्णय के खिलाफ भाजपा पार्षद हाई कोर्ट चले गए। हाई कोर्ट ने निगम सचिव और चुनाव आयोग के प्रतिनिधियों की रिपोर्ट को सही ठहराया और महापौर के दोबारा चुनाव कराने के निर्णय को गलत करार दिया। इतना ही नहीं, कोर्ट ने चुनाव आयोग के अधिकारियों ने तैयार किए चुनाव परिणाम पर मुहर लगाई। इसके मद्देनजर एमसीडी सचिवालय ने बृहस्पतिवार को छह सदस्यों के निर्वाचन की अधिसूचना जारी कर दी।


अब वार्ड समितियों के चुनाव कराने का दबाव बनाएगी भाजपा

भाजपा पार्षद सदन से स्थायी समिति के तीन सदस्य निर्वाचित कराने में कामयाब होने के बाद अब वार्ड समितियों का चुनाव कराने का दबाव बनाएगी। इसकी झलक बृहस्पतिवार को सदन की बैठक में स्पष्ट तौर पर दिखाई दी। वार्ड समितियों के चुनाव होने पर ही स्थायी समिति का गठन हो पाएगा और भाजपा को लग रहा है कि स्थायी समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर उसका कब्जा हो सकता है।


स्थायी समिति में 18 सदस्य होते है, जिनमें से छह सदस्य सदन से चुने जाते है, जबकि एमसीडी की 12 वार्ड समितियों से 12 सदस्य चुने जाते है। प्रत्येक वार्ड समिति से एक-एक पार्षद स्थायी समिति का सदस्य चुनने का प्रावधान है। मनोनीत पार्षद के दम पर भाजपा का पांच वार्ड समिति में बहुमत है, वहीं आप का भी पांच वार्ड समिति में बहुमत है। नरेला वार्ड समिति में दोनों दलों के सदस्यों की संख्या बराबर है और मध्य वार्ड समिति में इन दोनों दलों का बहुमत नहीं है। इस वार्ड समिति में भाजपा से आप आगे है, मगर जीत की चाबी कांग्रेस के हाथ में है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें