बिजली व जल बोर्ड के पास भी रहेगी जानकारी
मेयर ने कहा, यदि किसी संपत्ति में नव निर्माण, नवीकरण होता है और संपत्ति मालिक संपत्ति का संपत्तिकर भर रहा है। ऐसे में मूल्यांकन एवं संग्रहण विभाग का मूल्यांकन अधिकारी, भवन विभाग से भवन योजना की जानकारी मांग सकता है। इसके बाद संबंधित मूल्यांकन अधिकारी को भवन विभाग को 15 दिन में जवाब देना होगा। यदि भवन में कोई बदलाव किया गया है और इसका हाउस टैक्स जमा करने की जानकारी मूल्यांकन एवं संग्रहण विभाग के पास है। तो मूल्यांकन विभाग की जिम्मेदारी होगी कि वह भवन विभाग को इसका जवाब समय पर दे। इसके बाद डीएमसी एक्ट के सेक्शन- 491 के तहत जोनल उपायुक्त, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर व एक्सईएन यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी भवन में कोई बदलाव हुआ है तो इसकी जानकारी बिजली विभाग और दिल्ली जल बोर्ड को भी मिले। जोनल उपायुक्त, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर व एक्सईएन यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी विभागों से पूरी रिपोर्ट लेने और देने के बाद ही प्रॉपर्टी पर कोई कार्रवाई हो।
प्लास्टिक बोतलों से बनाया एमसीडी साइनेज
रीसाइकल प्लास्टिक बोतलों से एमसीडी ने अपना साइनेज तैयार कराया है। निगम मुख्यालय सिविक सेंटर के ए-ब्लॉक के प्रवेश द्वार पर इसको सेल्फी पॉइंट के रूप में स्थापित किया गया है। सोमवार को मेयर डॉ शैली ओबरॉय ने इसका उद्घाटन किया। इसे सिंगल यूज प्लास्टिक को रीसाइकल, रीड्यूज और रीयूज करने के उदाहरण के तौर पर पेश किया गया है। इस अनूठे सेल्फी पॉइंट में 200 रीसाइकल प्लास्टिक बोतलों से बनी ईकोब्रिक्स का उपयोग किया गया है। मेयर ने बताया कि यह सेल्फी पॉइंट रीसाइकल, रीड्यूज और रीयूज का बेहतरीन उदाहरण है। 100 डेज टू बीट प्लास्टिक-2 अभियान के अंतर्गत यह पहल की गई है और सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जनता को जागरूक करने के लिए पूरी दिल्ली में इस तरह के सेल्फी पॉइंट बनाए जाएंगे। उन्होंने अपील की है कि सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करें और दिल्ली को स्वच्छ, हरित बनाने में नगर निगम का सहयोग करें।