अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी ने मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सघन अभियान छेड़ दिया है। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बताया कि सभी जोनों में वार्ड स्तर पर मिशन मोड में कार्रवाई शुरू कर दी है। करीब 3,000 डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर (डीबीसी) वर्कर और 2,000 फील्ड वर्कर जमीनी स्तर पर मच्छर प्रजनन की जांच और उसे नष्ट करने में लगे हैं।
सत्या शर्मा ने कहा कि एमसीडी का इस बार दिल्ली में मच्छर जनित बीमारियों की चुनौती को काबू में रखने का लक्ष्य है। इसके लिए हर वार्ड में चार से छह हैंड फॉगिंग मशीनें दी गई हैं ताकि त्वरित छिड़काव हो सके। मुख्यालय स्तर पर एक विशेष निरीक्षण टीम गठित की गई है जो अभियान की प्रगति की निगरानी और समीक्षा कर रही है। इस वर्ष अब तक 1.37 लाख घरों में मच्छर प्रजनन पाया गया और 8.79 लाख घरों में कीटनाशक छिड़काव किया जा चुका है। एमसीडी ने कानूनी मोर्चे पर भी सख्ती दिखाई है।
उन्होंने कहा कि वह सिर्फ घरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि नालों, जलाशयों, निर्माण स्थलों, पार्कों, अस्पतालों, स्कूलों और सरकारी दफ्तरों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। यही नहीं, दिल्ली जल बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, सीपीडब्ल्यूडी, डीटीसी, डीएमआरसी, रेलवे और डीडीए जैसे प्रमुख विभागों के साथ मिलकर उनके परिसरों में भी एंटी-लार्वा उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने अपील की कि एमसीडी की मेहनत तभी सफल होगी जब नागरिक भी अपने स्तर पर घरों और आसपास पानी जमा न होने दें।