फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'गुटूर-गू' से सावधान: कबूतरों को दाना खिलाने वाले स्थानों पर बैन लगाने जा रही MCD, ये बन रहे जान का खतरा

Sat, 26 Oct 2024 08:33 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक निजी अस्पताल के डॉ. उषास्त धीर ने कहा कि ट्रांसप्लांट रोगियों के लिए यह जोखिम जीवन के लिए खतरा हो सकता है। जब कबूतर बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं, तो उनकी बीट और पंख फड़फड़ाना विभिन्न रोगजनकों, विशेष रूप से क्रिप्टोकोकोसिस जैसे फंगल के लिए प्रजनन स्थल बनाता है।
विज्ञापन
कबूतरों से फैल रही बीमारी - फोटो : adobe stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) कबूतरों को दाना डालने वाले स्थानों पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। कबूतरों की अधिक संख्या होने के कारण स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो फुटपाथ, गोल चक्कर और सड़क-चौराहों पर पाए जाने वाले इस तरह के स्थल जल्द ही बंद हो सकते हैं।

विज्ञापन

एमसीडी के अधिकारियों ने बताया कि योजना अभी प्रारंभिक चरण में है। जल्द ही इस पर परामर्श जारी होने की उम्मीद है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य कबूतरों की बीट से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। इसमें साल्मोनेला, ई कोलाई और इन्फ्लूएंजा जैसे रोगाणु होने का खतरा रहता है। ये अस्थमा जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों को बढ़ा सकते हैं।

एक निजी अस्पताल के डॉ. उषास्त धीर ने कहा कि ट्रांसप्लांट रोगियों के लिए यह जोखिम जीवन के लिए खतरा हो सकता है। जब कबूतर बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं, तो उनकी बीट और पंख फड़फड़ाना विभिन्न रोगजनकों, विशेष रूप से क्रिप्टोकोकोसिस जैसे फंगल के लिए प्रजनन स्थल बनाता है। इनमें हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस, अस्थमा और यहां तक कि मधुमेह जैसी स्थितियों वाले व्यक्तियों में गंभीर फंगल निमोनिया भी शामिल है।
विज्ञापन

वहीं, डॉक्टर डॉ. मीत घोनिया के अनुसार, कबूतरों के कारण हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस हो सकता है। इससे सामान्य लोगों के स्वस्थ फेफड़ों में सूजन और फाइब्रोसिस हो सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में ओपीडी में कई मामले देख रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें