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Delhi NCR News: एमसीडी सदन की 26 सितंबर को बैठक, आप व भाजपा के बीच होगा कड़ा मुकाबला

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18 सदस्यों वाली स्थाई समिति के एक रिक्त पद पर कराया जाएगा चुनाव, अभी भाजपा के 9 और आप के 8 सदस्य
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी सदन की 26 सितंबर को बैठक होगी। इस दिन सदन से चुने जाने वाले स्थाई समिति के एक सदस्य के रिक्त पद पर भी चुनाव होगा। इस दिन पूरी संभावना है कि आम आदमी पार्टी व भाजपा में के नेताओं में संग्राम होेगा। दरअसल इस चुनाव के परिणाम से समिति में बहुमत का फैसला होगा। स्थायी समिति एमसीडी की सबसे महत्वपूर्ण समिति है। इस कारण दोनों पार्टियां इस समिति पर कब्जा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। स्थायी समिति के सदस्य का पद भाजपा पार्षद कमलजीत सहरावत के सांसद बनने के बाद रिक्त हुआ है। वह सदन से स्थायी समिति की सदस्य थीं।
निगम सचिव ने सदन की बैठक व उसमें स्थायी समिति के रिक्त पद पर चुनाव कराने के लिए गत छह सितंबर को मेयर के पास फाइल भेजी थी। मेयर ने मंगलवार को सदन की बैठक की तिथि तय कर दी। इसके अलावा उन्होंने इस बैठक में स्थायी समिति के रिक्त पद पर चुनाव के कराने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है। लिहाजा अब निगम सचिव उनसे स्थायी समिति के सदस्य के रिक्त पद पर चुनाव कराने का कार्यक्रम स्वीकृत कराने की कार्रवाई शुरू करेंगे। उनका लक्ष्य है कि 20 सितंबर तक चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल कराने की प्रक्रिया पूरी करा ली जाए। सदन में स्थाई समिति में एक सदस्य का चुनाव होने के बाद उसके अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। लिहाजा स्थायी समिति का गठन अक्तूबर माह के प्रथम सप्ताह में होने की संभावना है।
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आप जीती तो हो जाएगी बराबरी, भाजपा जीतकर पाएगी स्पष्ट बहुमत
स्थायी समिति के सदस्य के चुनाव परिणाम से एमसीडी के राजनीतिक परिदृश्य की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। इस पद पर आम आदमी पार्टी के पार्षद की जीत होने पर स्थायी समिति में उसके व भाजपा के सदस्यों की संख्या नौ-नौ बराबर हो जाएगी। स्थायी समिति में 18 सदस्य होते है। इस तरह स्थायी समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में भाजपा व आप के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। वहीं, इस पद पर भाजपा पार्षद की जीत होने की स्थिति में स्थायी समिति में उसका स्पष्ट बहुमत हो जाएगा और समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर उसके पार्षद आसानी सेे जीत जाएंगे।
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पार्षदों की
क्रॉस वोटिंग से बिगड़ सकता है आप का गणित

सदन में आप के पास पूर्ण बहुमत है और उसे स्थायी समिति के एक सदस्य के चुनाव में कांग्रेस की भी मदद की जरूरत नहीं है। मगर वार्ड समितियों की तरह आप के पार्षदों की ओर से भाजपा के पक्ष में वोट करने पर उसके समक्ष हार का संकट पैदा हो सकता है। सदन में इस समय 10 मनोनीत पार्षदों समेत 259 सदस्य है, लेकिन मनोनीत पार्षदों को सदन में मतदान करने का अधिकार नहीं है। इस तरह स्थायी समिति के सदस्य के चुनाव में जीत के लिए 125 वोट की आवश्यकता है और आप के 127 पार्षद है, जबकि भाजपा के पार्षदों की संख्या 112 है और कांग्रेस के नौ व एक निर्दलीय पार्षद है। वार्ड समितियों के चुनाव में कांग्रेस के नौ व एक निर्दलीय पार्षद ने आप का साथ दिया था। लिहाजा आप के पास जीत के आंकड़े से 12 पार्षद अधिक है, वहीं भाजपा के पार्षद जीत के आंकड़े से 13 पार्षद कम है। वार्ड समितियों के चुनाव में आप के छह पार्षदों ने भाजपा के पक्ष में वोट किया था।
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