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'उसे एक थप्पड़ पड़ा तो सब आ गए, मुझे पीटा-घसीटा तब...': सामने आया वो जिसकी साहेब सिंह ने की थी पिटाई, वीडियो

Mon, 28 Sep 2026 07:45 PM IST
विकास कुमार एएनआई, दिल्ली

सार

पीड़ित ने दर्द बयां करते हुए सवाल उठाया कि जब साहिब सिंह को एक थप्पड़ मारा गया, तो इतने सारे राजनेता और अन्य लोग उनके समर्थन में आ गए। लेकिन जब मुझे पीटा गया, घसीटा गया और बुरी तरह प्रताड़ित किया गया, तब कोई भी आगे क्यों नहीं आया?
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साहेब सिंह पर धन बहादुर का बड़ा आरोप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक सफाई कर्मचारी धन बहादुर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि साहिब सिंह और अन्य लोगों ने उनके साथ बदसलूकी और बेरहमी से मारपीट की थी। उल्लेखनीय है कि साहिब सिंह वही व्यक्ति हैं जिन्हें कथित तौर पर एक दिन पहले दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने थप्पड़ मारा था। इस पूरे विवाद के बीच धन बहादुर ने अपनी आपबीती साझा करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

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क्या है पूरा मामला?
धन बहादुर ने घटना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि वह एमसीडी की गाड़ी पर हेल्पर के रूप में काम कर रहे थे। तिलक नगर की लेन नंबर-16 में काम के दौरान, जब वह ट्रक के आगे पैदल चल रहे थे, तो एक महिला दूसरी मंजिल से कचरा फेंकने जा रही थी। धन बहादुर के मुताबिक, उन्होंने महिला से कचरा फेंकने से मना किया था ताकि वह नीचे खड़े पुलिसकर्मी पर न गिरे, अन्यथा पुलिसकर्मी उन पर आरोप लगाता। इसके बाद महिला उन पर चिल्लाने लगी और उन्हें पागल कहने लगी।

स्कूटर पर खींचने और बेरहमी से पीटने का आरोप
कर्मचारी ने आगे बताया कि इसके तीन-चार गलियां छोड़कर जब वह लेन नंबर-13 में कचरा इकट्ठा कर रहे थे, तब करण सिंह और साहिब सिंह नामक दो व्यक्ति वहां पहुंचे। धन बहादुर का आरोप है कि उन दोनों ने उन्हें जबरन अपने स्कूटर पर बैठाने की कई बार कोशिश की और यह झूठा आरोप लगाया कि उन्होंने उनकी मां को गाली दी है।

बेहोश होने तक पीटते रहे
करण सिंह ने उनके कंधे पर हाथ रखा और फिर गर्दन दबोच ली। साहिब सिंह ने भी स्कूटर रोककर उनकी गर्दन पकड़ ली और दोनों ने मिलकर उन्हें पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद दो-तीन अन्य लोग भी वहां आ गए और साहिब सिंह ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें मारना शुरू कर दिया। धन बहादुर के अनुसार, उन लोगों ने उन्हें तब तक मारा जब तक वह बेहोश नहीं हो गए और बेहोशी की हालत में भी उन्हें घसीटते हुए पीटते रहे।

अस्पताल और उसके बाद की मुश्किलें
आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह उनकी जान बचाई और पुलिस को फोन किया। पुलिस उन्हें सीधे दीनदयाल अस्पताल ले गई। धन बहादुर का कहना है कि अस्पताल में भी उन लोगों के कुछ साथी वीडियो रिकॉर्ड करने पहुंच गए और यह अफवाह फैलाई कि उन्हें किसी राजनीतिक पार्टी या बीजेपी ने पैसे दिए हैं।

घटना के बाद चली गई नौकरी
उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी कंपनी या राजनेता से कोई पैसा नहीं मिला है। इस घटना के बाद उन्हें एक महीने तक घर में रहना पड़ा और उनकी नौकरी भी चली गई।
 
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नेताओं के समर्थन पर उठाए सवाल
पीड़ित ने दर्द बयां करते हुए सवाल उठाया कि जब साहिब सिंह को एक थप्पड़ मारा गया, तो इतने सारे राजनेता और अन्य लोग उनके समर्थन में आ गए। लेकिन जब मुझे पीटा गया, घसीटा गया और बुरी तरह प्रताड़ित किया गया, तब कोई भी आगे क्यों नहीं आया?

दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि उन्होंने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है, हालांकि पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्हें गिरफ्तार किए गए लोगों की कोई फोटो या वीडियो नहीं दिखाई गई।
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