मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी चुनाव परिणाम के ठीक अगले दिन भाजपा और कांग्रेस के पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने वाले पुराने तीर से ही उनका शिकार करने के लिए निशाना साधा है। केजरीवाल ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष वीके मल्होत्रा के एक बयान के हवाले से कहा है कि भाजपा 1956 से पूर्ण राज्य का दर्जा दिल्ली को दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है।
तो वहीं मुख्यमंत्री रहते मदन लाल खुराना की तरफ से अगस्त, 1994 में दिए गए बयान, 1998 में साहिब सिंह वर्मा के मुख्यमंत्री रहते ड्रॉफ्ट किए गए बिल, अगस्त, 2003 में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की तरफ से संसद में बिल पेश किए जाने और प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाली स्टैंडिंग कमेटी को सौंपे जाने के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चुनावी घोषणा पत्र का भी जिक्र किया है।
लोकसभा चुनाव 2014 के दिल्ली घोषणापत्र में पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने और फिर चुनाव जीतने के बाद डॉ. हर्षवर्धन की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी से पहली मांग पूर्ण राज्य के बयान को भी जनता के सामने रखा गया है। इसके अलावा 1993 के पहले चुनाव के बाद करीब-करीब हर बार भाजपा ने पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की बात कही है।
भाजपा और कांग्रेस के वादों का दिया हवाला
अरविंद केजरीवाल
- फोटो : जी पाॅल
केजरीवाल ने पूर्ण राज्य को लेकर कांग्रेस के मेट्रोपोलिटन काउंसिलर मिर्जा सिद्दीकी के सदन में की गई मांग का जिक्र किया है। पूर्व सांसद संदीप दीक्षित की तरफ से संसद में डीडीए दिल्ली सरकार के आधीन नहीं होने को लेकर उठाई गई आवाज और फिर नवंबर, 2003 में शीला दीक्षित के बयान का भी जिक्र किया है।
इतना ही नहीं कांग्रेस की तरफ से 2003 और 2015 के विस चुनाव घोषणा पत्र में इसे शामिल किए जाने का तारीख दर तारीख विवरण वेबसाइट पर सबूत के साथ डाला है।मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, "दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए भाजपा-कांग्रेस काफी समय से संघर्ष करती रही है। ज्यादा संघर्ष भाजपा ने किया है। उसी को हम आगे बढ़ा रहे हैं, यकीन है भाजपा साथ देगी। उम्मीद है कि सभी मिलकर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिला पाएंगे। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।"
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सत्ता की बढ़ती महत्वाकांक्षा के लिए राष्ट्रीय राजधानी के विशेषाधिकार को दिल्ली छोड़ना चाहेगी। दिल्ली की जनता से पूछना चाहता हूं कि वो देश की राजधानी में बने रहना चाहते हैं या नहीं? पूर्ण राज्य का दर्जा और राष्ट्रीय राजधानी एक साथ नहीं हो सकती। अरविंद केजरीवाल ने पूर्ण राज्य का दर्जा का ड्रॉफ्ट बिल एमसीडी चुनाव परिणाम में घटे जनाधार से ध्यान भटकाने के लिए जनता के सामने रखा है।