एमसीडी चुनाव में दल-बदल कानून लागू नहीं होता है। इससे चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुए कांग्रेस या भाजपा के नेता जो पार्षद बन गए हैं, भाजपा उन्हें शामिल करने की कोशिश कर सकती है।
दिल्ली नगर निगम (MCD) में आम आदमी पार्टी (आप) निर्णायक बढ़त बना चुकी है। इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी के नेता दावा कर रहे हैं कि एमसीडी में मेयर उनका ही होगा। आखिर क्या कारण है कि भाजपा नेता इतने आत्मविश्वास से यह दावा कर रहे हैं।
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सबसे बड़ा कारण इसके पीछे यह है कि एमसीडी चुनाव में दल-बदल कानून लागू नहीं होता है। इससे चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुए कांग्रेस या भाजपा के नेता जो पार्षद बन गए हैं, भाजपा उन्हें शामिल करने की कोशिश कर सकती है। इसके अलावा भाजपा कांग्रेस व निर्दलीय पार्षदों को भी जोड़ने के लिए जुगत भिड़ा सकती है।
इससे पहले दिल्ली भाजपा के कई नेता, मसलन- तजिंदर पाल सिंह बग्गा, मनजिंदर सिंह सिरसा समेत कई नेताओं ने ट्वीट कर बयान दिया है कि मेयर भाजपा का ही बनेगा।
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मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मेयर तो भाजपा का ही बनेगा। केजरीवाल जी जो 220 सीटों का दावा कर रहे थे… आज के रुझान देखकर उनके हौसले पस्त हो गए हैं। क्योंकि दिल्ली की जनता ने एक बार फिर भाजपा में विश्वास जताया है। तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी ट्वीट कर दावा किया कि इस बार फिर एमसीडी में दिल्ली में भाजपा का मेयर बनने वाला है।