एमसीडी चुनाव के बाद दिल्ली में नौ बहुस्तरीय कार पार्किंग बनकर तैयार होगी। इनका काम तेजी से चल रहा है। यह सारी पार्किंग नए नेतृत्व के खाते में आएंगी। इसके उद्घाटन का फीता नए महापौर को काटने का अवसर मिलेगा। लेकिन यह भविष्य के गर्भ में है कि एमसीडी का नेतृत्व किसके हाथ में जाएगा। फिर से बाजी 15 साल एमसीडी की सत्ता में रही भाजपा के हाथ आएगी या इस बार आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में से कोई एमसीडी की बागडोर संभालेगा।
पार्किंग दिल्ली की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। दिल्ली में कई बड़े बाजार और कॉलोनियों में आज भी अधिकृत पार्किंग नहीं है। इन सभी जगहों पर निजी ठेकेदार पार्किंग के नाम पर लोगों से अवैध वसूली भी करते हैं। पूर्वी दिल्ली के अधिकतर बाजारों में पार्किंग गंभीर समस्या है। लक्ष्मी नगर से कड़कड़डूमा तक विकास मार्ग पर सड़कों पर अवैध रूप से खड़े किए जाने वाले वाहन इसके जीते जागते उदाहरण हैं। इसी तरह पुरानी दिल्ली के विभिन्न बाजारों, चांदनी चौक, खारी बावली, सदर बाजार या कूचा महाजनी, इन सभी जगहों पर पार्किंग की विकट समस्या है।
कई बार बढ़ी पार्किंग खुलने की आखिरी तारीख
इस समस्या से निजात पाने के लिए एमसीडी ग्रेटर कैलाश-1, पंजाबी बाग, पीतमपुरा, निगमबोध घाट, कुतुब रोड, गांधी मैदान चांदनी चौक, फतेहपुरी, अमर कॉलोनी और निजामुद्दीन में नौ बहुस्तरीय कार पार्किंग सालों से बना रही है। इनमें से कई पार्किंग ऐसी हैं जिनका निर्माण कार्य पूरा होने की कई आखिरी तारीख बीत चुकी है। चांदनी चौक गांधी मैदान कार पार्किंग के पहले 1000 कार पार्किंग वाले खंड को पहले इसी साल मार्च में खुलना था। फिर इसकी आखिरी तारीख खिसककर सितंबर में आई। अब इसका दिसंबर के आखिर तक खुलने के आसार हैं। इसी प्रकार से पीतमपुरा शिवा मार्केट और कुतुब रोड पार्किंग को इस साल जून में खुलना था।
दिल्ली में 34 लाख से अधिक पंजीकृत कारें
दिल्ली में करीब 1.23 करोड़ से अधिक पंजीकृत वाहन हैं। इनमें से करीब 34 लाख से अधिक पंजीकृत कारें व जीप इनमें शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर वाहन या तो ठेके पर चल रही पार्किंग में खड़े होते हैं। नहीं तो सड़कों पर ही पार्क किए जाते हैं।