पश्चिमी जोन के फतेहनगर वार्ड में पांच पाइंट किए तय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी ने राजधानी में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनसे जुड़े हादसों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाना शुरू कर दिए हैं। इस सिलसिले में एमसीडी ने प्रत्येक वार्ड में स्थानीय पार्षद की सहमति से फीडिंग पॉइंट बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। एमसीडी ने बुधवार को पश्चिमी जोन के फतेहनगर वार्ड में पांच स्थान चिन्हित किए।
एमसीडी के अनुसार, फतेहनगर वार्ड में तय की गई जगहों पर अगले एक-दो दिनों में कुत्तों को खाना डालने की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही फीडिंग पाइंट्स पर विशेष बोर्ड लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके पीछे लोगों को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करानेे और यह काम व्यवस्थित तरीके करने की मंशा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी जोन में इसी मॉडल को लागू किया जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को सभी जोनल उपायुक्तों को निर्देश जारी किए गए थे कि वे अपने-अपने वार्डों में उपयुक्त स्थान चिह्नित करें और स्थानीय पार्षद से चर्चा के बाद फीडिंग पॉइंट स्थापित करने की कार्रवाई पूरी करें।
सुप्रीम कोर्ट ने लावारिस कुत्तों की समस्या को गंभीर मानते हुए एमसीडी को कुत्तों के प्रबंधन और भोजन की व्यवस्था को लेकर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। इसी दिशा में अब व्यवस्थित फीडिंग पाइंट्स की पहल शुरू की है। अधिकारियों ने बताया कि कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने और बीमारियों की रोकथाम के लिए एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) केंद्रों में नसबंदी और टीकाकरण अभियान भी तेज किया जाएगा है। इस काम की मॉनिटरिंग के लिए पहले से एक उपसमिति बनाई गई है जो लगातार सुधार और सुझावों पर काम कर रही है। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि कुत्तों की बढ़ती संख्या और काटने की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे है। फीडिंग पाइंट्स से कुत्तों को व्यवस्थित जगह पर भोजन मिलेगा और सड़कों पर अव्यवस्था व हादसों की संभावना कम होगी।