नामी वेबसाइट से रजिस्टर्ड कराकर लक्ष्मीनगर में फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गैंग का पूर्वी जिला के साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। यहां 23 वर्षीय एमबीए की छात्रा शास्त्री नगर, दिल्ली निवासी माही शर्मा उर्फ राधिका गुप्ता अपने सहयोगी साउथ अनारकली निवासी आरती चौहान उर्फ गीत उर्फ नेहा (46), सरस्वती विहार, लोनी, देहात, गाजियाबाद निवासी जीनत उर्फ हुदा (20) और शाहदरा निवासी तरुण कुमार उर्फ सागर (26) संग मिलकर वारदातों को अंजाम दे रही थी।
आरोपियों से दो लैपटॉप, पांच फोन, पेटीएम क्यूआर कोड स्केनर आदि बरामद किया गया है। आरोपी अब तक देशभर में 200 अधिक युवाओं से लाखों रुपये की ठगी कर चुके थे। आरोपियों में आरती और तरुण भी ग्रेजुएट हैं। वहीं जीनत 12वीं पास है। पूर्वी जिला की पुलिस उपायुक्त अमरुथा गुगुलोथ ने बताया कि साइबर थाना पुलिस को नौकरी दिलवाने के नाम पर साइबर ठगी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जानकारी जुटाने के लिए इंस्पेक्टर गौरवे चौधरी, एसआई नरेश व अन्यों की टीम को जांच के लिए लगाया गया। सूचना के बाद टीम ने ए-38, दूसरी मंजिल, लक्ष्मी नगर में छापेमारी की। वहां माही ने 'इनसाइट ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड' के नाम से कॉल सेंटर खोला हुआ था। आरती व जीनत भी उसका सहयोग करती मिलीं। वहीं इनके चौथे सहयोगी तरुण को शाहदरा से दबोच लिया गया।
ऐसे दिया जाता था ठगी की वारदात को अंजाम
आरोपी नामी वेबसाइटों के माध्यम से बेरोजगार युवाओं का डाटा लेकर उनको कॉल करते थे। उनको इंटरव्यू के लिए अपने दफ्तर बुलाने के अलावा टेलीफोन पर भी उनका इंटरव्यू कर लेते थे। बाद में रजिस्ट्रेशन व दूसरी फीस के नाम पर पीड़ितों से मोटी रकम वसूल ली जाती थी। पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिए जाते थे। कंपनी पहुंचने पर पीड़ित को ठगी का पता चलता था।