सिंथेटिक मावा बनाने के आरोपी दो सगे भाइयों को एडीजे-3 कोर्ट ने दोषी करार दिया है। न्यायाधीश आशुतोष ने दोनों को आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सरकारी वकील राजेंद्र सिंह कसाना ने बताया कि मामला लोनी कोतवाली क्षेत्र की राजीव गार्डन कालोनी का है। एक सूचना के बाद पुलिस टीम ने कालोनी के एक मकान में 6 नवंबर 2004 को रात में दबिश देकर सिंथेटिक मावे के कारोबार का भंडाफोड़ किया था।
सिंथेटिक पाउडर और रिफाइंड मिलाकर मावा तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से 50 किलो तैयार सिंथेटिक मावे के अलावा कृष्णा मार्का तीन छोटे बोरे सिंथेटिक पाउडर बरामद किया था। इसके अलावा गैस, चूल्हा, वेइंग मशीन आदि भी वहां से बरामद की गई थी।
इस मामले में पुलिस ने मूल रूप से बागपत निवासी दो सगे भाई राजवीर और चेतन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। सरकारी वकील ने बताया कि एडीजे-3 आशुतोष की कोर्ट में उक्त मामला विचाराधीन था। अभियोजन की ओर से इस मामले में 4 गवाह पेश किए गए थे।
शनिवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपी भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।