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मौलाना साद की कोरोना रिपोर्ट आई निगेटिव, वकील ने कहा- वो भगोड़े नहीं

Mon, 27 Apr 2020 03:26 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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निजामुद्दीन मरकज में फंसे लोग (फाइल फोटो) - फोटो : जी पाल
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निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात का आयोजन करवाने वाले मौलाना साद इन दिनों क्वारंटीन में हैं। बीते दिनों उनके वकील ने बताया था कि उनका कोरोना टेस्ट कराया गया है जिसकी रिपोर्ट को लेकर अब खुलासा किया गया है।

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मौलाना साद के वकील फुजैल अयूबी ने बताया है कि उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके साथ ही वकील ने ये भी कहा कि वह भगोड़े नहीं हैं, न ही दिल्ली पुलिस ने उन्हें पेश होने के लिए कहा है। अयूबी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की तरफ से हमें कोई समन नहीं मिला है। हमें अब तक तीन नोटिस मिले हैं और उन सभी का हमने जवाब दिया है।

अयूबी ने ये भी बताया है कि मरकज और तब्लीगी जमात के लोग दिल्ली पुलिस का पूरा सहयोग कर रहे हैं। पुलिस ने हाल ही में मौलाना दफ्तरों की जांच भी की है जो निजामुद्दीन मरकज में स्थित हैं, साथ ही उनके अन्य दफ्तर व घर की भी जांच की गई है।
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों के कहने पर मौलाना साद ने अपना कोरोना टेस्ट करवाया है। दूसरी तरफ अपराध शाखा व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा मौलाना साद पर कसता जा रहा है।
 

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मौलाना साद पहले ही कह चुके हैं, पुलिस को पता है कि वह कहां हैं

कुछ दिन पहले मीडिया के लिए जारी एक चिट्ठी में मौलाना साद ने कहा था कि जांच एजेंसियों का पता है कि वह कहां है। हालांकि इस बात की पुष्टि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारी भी कर चुके हैं कि मौलाना साद पुलिस की निगरानी में है।

मौलाना साद ने कहा था कि अपराध शाखा को पता है कि वह कहां हैं। अपराध शाखा ने दो नोटिस भेजे हैं। नोटिस का जवाब दिया जा चुका है। अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों ने बेटे की निगरानी में उनके घर की तलाशी ली थी। अपराध शाखा के अधिकारियों ने कहा था कि साद अपना कोरोना टेस्ट कराए। इसके बाद ही उसने कोरोना टेस्ट कराया है। खास बात है कि मौलाना साद 28 मार्च को ही मरकज से चले गए थे। वह तभी से क्वारंटीन में हैं। अपराध शाखा ने बहुत पहले ही मौलाना साद को कोरोना टेस्ट कराने को कहा था।

मौलाना साद ने यह भी कहा था कि लॉकडाउन के बाद मरकज में कोई धार्मिक जलसा नहीं हुआ था। जलसा रद्द कर दिया था। लॉकडाउन के कारण जमाती मरकज में फंस गए थे। अपराध शाखा अधिकारी इन बातों को बेबुनियाद बता रहे हैं। दूसरी तरफ अपराध शाखा की जांच में यह बात सामने आई थी कि मरकज के अंदर मदरसा भी था। उसमें काफी बच्चे पढ़ते थे। इन बच्चों को मरकज से बाहर नहीं निकाला गया था।
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