-स्टाफ क्वारंटीन है, नहीं दे सकता ज्यादा जानकारी : मौलाना साद
-तब्लीगी मरकज के प्रमुख ने दिल्ली पुलिस के दूसरे नोटिस का घुमा-फिराकर दिया जवाब
-पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं मौलाना : पुलिस
देशभर में कोरोना जैसी महामारी को फैलाने के आरोपी निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज के प्रमुख मौलाना मोहम्मद साद ने दिल्ली पुलिस के दूसरे नोटिस का बृहस्पतिवार को जवाब दे दिया। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि मौलाना साद ने शातिराना तरीके से नोटिस का बहुत ही घुमा-फिराकर जवाब दिया है। मौलाना साद ने जवाब में कहा है कि उसके मरकज का स्टाफ क्वारंटाइन हो रखा है और मरकज में ताले लगे हुए हैं। ऐसे में वह ज्यादा जानकारी नहीं दे सकता। दूसरी तरफ मरकज के कंप्यूटर व अन्य दस्तावेज गायब मिले हैं।
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अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मरकज में छह से सात लोग काम करते थे। मौलाना साद ने मरकज से जाने से पहले सभी को अपने घर भेज दिया था और क्वारंटीन में रहने को कहा था।
मरकज मामले की जांच कर रहे दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि मौलाना मोहम्मद साद समेत अन्य आरोपी मौलाना पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। वह किसी भी बात का ठीक से जवाब नहीं देते हैं। अगर वह ठीक से जवाब व जानकारी दे दें, तो जल्द ही जमातियों के बारे में पता लगाया जा सकता है और कोरोना को फैलने से रोका जा सकता है।
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दूसरी तरफ अपराध शाखा की जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि निजामुद्दीन के मरकज का पूरा डाटा गायब मिला है। जांच के दौरान मरकज के सभी कंप्यूटर गायब मिले। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मरकज में पांच प्रिंटर मिले हैं। अगर प्रिंटर मिले हैं तो मरकज में कंप्यूटर भी होंगे। वह कंप्यूटर कहां है इसके बारे में कोई कुछ नहीं बता पा रहा है।
पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कंप्यूटरों में महत्वपूर्ण डाटा व अहम जानकारियां थीं कि कौन-कौन लोग कब-कब और क्यों मरकज में एकत्रित होते थे। जमात के लिए आने वाले लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कंप्यूटरों के अलावा मरकज से अन्य दस्तावेज भी गायब मिले हैं। मोहम्मद साद के आने व मरकज के खुलने के बाद ही इससे पर्दा उठ सकता है।