-छात्र संगठन आइसा ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में उम्मीदवारों के लिए अभिभावक की सहमति अनिवार्य किए जाने के खिलाफ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। आइसा कार्यकर्ताओं अनन्या रतूड़ी और अक्षत शिखर ने बुधवार को याचिका दायर कर डूसू चुनाव समिति द्वारा जारी नए हलफनामे को चुनौती दी है।
इस नियम के तहत अभिभावक को घोषित करना होगा कि वे छात्र के चुनाव लड़ने की अनुमति देते हैं और उनके कानूनी आचरण की जिम्मेदारी लेंगे। साथ ही, माता-पिता या अभिभावक को एक लाख रुपये के लिए बिना शर्त जमानतदार बनना होगा।
आइसा ने सवाल उठाया है कि 18 वर्ष से अधिक आयु के वयस्क छात्रों पर यह शर्त कैसे लागू की जा सकती है, खासकर जब कई छात्र स्वयं अपनी पढ़ाई और जीवन-यापन का खर्च उठाते हैं। संगठन ने कहा कि एक लाख रुपये का बॉन्ड और अभिभावक की सहमति चुनाव को आम छात्रों की पहुंच से दूर करती है।
पिछले वर्ष भी आइसा ने एक लाख रुपये के बॉन्ड को अदालत में चुनौती दी थी, जिसमें अदालत ने हस्तक्षेप करते हुए इसे इंडेम्निटी एफिडेविट के रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। आइसा का कहना है कि इस वर्ष भी चुनाव प्रक्रिया में ऐसे नियम जोड़े जा रहे हैं, जो कैंपस की लोकतांत्रिक प्रकृति पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।