गणित प्रेम के चलते ही दिल्ली के लक्षय गुप्ता ने 11वीं कक्षा में आकर आईआईटी में दाखिले का सपना देखा। संयुक्त परिवार के मार्गदर्शन और टाइम-टेबल से दस घंटे की पढ़ाई से जेईई मेन 2020 में 100 पर्सेंटाइल हासिल करके दिल्ली के टॉपरों में शामिल हुए।
पढ़ाई के बीच कुछ देर थकान उतारने के लिए नियमित वॉक और गिटार उनका साथी रहा। उन्हें आईआईटी दिल्ली से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में बीटेक और मैथ्स में भी कुछ करना है। हालांकि लंबी प्लानिंग करना पसंद नहीं है।
ईस्ट ऑफ पंजाबी बाग निवासी और संस्कृति स्कूल से 12वीं पासआउट लक्षय गुप्ता ने फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मैथ्स के साथ इॅकोनोमिक्स में 96.2 फीसदी अंक हासिल किए हैं, जबकि गणित में 100 अंक आए थे।
लक्षय कहते हैं कि मैं टाइम-टेबल से नियमित पढ़ाई करता था। इसी के चलते जेईई मेन में 100 पर्सेंटाइल हासिल किया है। सोशल मीडिया का प्रयोग इंटरटेनमेंट के लिए ऑनलाइन गेम्स के लिए कभी-कभी किया।
सरकार का फैसला अभिभावकों के हित में
लक्षय की मां मीनू गुप्ता छठीं से 12वीं क्लास के छात्रों के लिए निजी कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाती हैं। मां मीनू और बिजनसमैन पिता मनीष कहते हैं कि मोदी सरकार ने जीरो ईयर और सितंबर परीक्षा आगे स्थगित न करने का फैसला अभिभावकों के हित में लिया था।
कोई भी अभिभावक बच्चे का साल खराब नहीं करना चाहते थे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा केंद्र में जो बेहतरीन तैयारी की थी, उससे हमारे साथ बच्चे के मन से भी कोरोना का डर खत्म हुआ।
उपलब्धियां:
-8वीं कक्षा की पढ़ाई इंडियन मिलिट्री अकादमी देहरादून से जुनियर विंग में की है।
-9वीं से 12वीं कक्षा संस्कृति स्कूल दिल्ली से की है। इसी दौरान 2019 में रूस में आयोजित इंटरनेशनल इॅकोनोमिक्स ओलपिंयाड 2019 में भारत का प्रतिनिधित्व किया और देश को गोल्ड मेडल लाकर दिया।